दरअसल, जेल से छूटने के बाद भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण ने मायावती काे बुआजी बताया था। भीम आर्मी संस्थापक ने कहा था कि बसपा सुप्रीमाें मायावती ने हमेशा दलिताें की लड़ाई लड़ी है। भाजपा काे हराने के लिए गठबंधन का समर्थन करने की बात भी इसी दाैरान चंद्रशेखर ने कही थी। चंद्रशेखर के इस बयान के बाद अब लखनऊ में अपने नए आवास पर बसपा सुप्रीमाें में प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि हिंसा के आराेपियाें से उनका काेई रिश्ता नहीं है। चंद्रशेखर उन्हे बुआजी बता रहे हैं ताे यह उनका राजनीतिक स्वार्थ है। कुछ युवा अपनी राजनीतिक महत्वकांक्षा के लिए इस तरह के रिश्ते बना रहे हैं। बसपा सुप्रीमाें ने यह भी कहा है कि यदि चंद्रशेखर दलिताें के हितैषी है आैर बसपा का समर्थन करना चाहते हैं ताे इसके लिए अलग से संगठन बनाने की क्या आवश्यकता है बसपा के बैनर तले आकर ही काम करें।