उन्होंने यूपी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भीम आर्मी के जिन कार्यकर्ताओं को जेल में बंद करके रखा गया है अदालत ने उनको जमानत पर रिहा करने का हुक्म दिया है, लेकिन सरकार ने अदालत के फैसले को नहीं माना। ये ऐसे हालत हैं कि सरकार ने अपने आपको अदालत से ऊपर घोषित कर दिया है। इन्हाेंने यह भी कहा कि अगर सरकार अदालतों का हुक्म मानने से मना कर देती हैं तो यह एक संवैधानिक संकट खड़ा हो जाएगा। नागरिक के अधिकारों की रक्षा अदालत के जरिए होती है। अगर सरकार अदालतों का हुक्म नहीं मानेंगी ताे इसका मतलब यही है कि तानाशाही आ रही है, लेकिन लोग उसे पहचान नहीं पा रहे हैं।