
कांवड़ यात्रा 2025, PC - Patrika
Kawad Yatra 2025: सावन माह की शुरूआत के साथ कांवड़ (Kawad) यात्रा की शुरूआत हो जाती है। साल 2025 में सावन का महीना 11 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस खास माह को भोलेनाथ (Bholenaath) की भक्ति के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। भोलेबाबा के भक्त बड़े उत्साह के साथ कांवड़ यात्रा में शामिल होते हैं.
2025 में कावंड़ यात्रा से पहले फिर से गाइडलाइन जारी कर दी गई है। कांवड़ यात्रा 11 जुलाई 2025 से शुरू होने से पहले 25 जून को सीएम योगी ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि कांवड़ मार्गों पर खुले में मांसाहारी भोजन की बिक्री पर सख्त रोक रहेगी। सभी विक्रेता अपने नाम, पते और मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से लिखेंगे। जुलूस के मार्गों पर प्रतिबंधित जानवरों का प्रवेश रोका जाएगा। खाद्य वस्तुओं की कीमतें तय की जाएंगी ताकि श्रद्धालुओं से मनमानी वसूली न हो सके।
यह कोई पहला मौका नहीं है जब कांवड़ यात्रा को लेकर यूपी सरकार ने सख्ती दिखाई हो। जुलाई 2022 में मांस और शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया था। जुलाई 2023 में खुले में मांस बेचने पर रोक लगी। जुलाई 2024 में नेम प्लेट का आदेश आया जिस पर जमकर सियासत हुई थी। .
सरकार के इस आदेश को चुनौती देते हुए कुछ याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। 22 जुलाई को देश की सर्वोच्च अदालत ने यूपी सरकार के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दुकानदार केवल अपने भोजनालयों में परोसे जा रहे भोजन की किस्म का ही प्रदर्शन कर सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश की सरकारों को नोटिस जारी किया और पूछा कि आखिर दुकानदारों की व्यक्तिगत जानकारियां सार्वजनिक करना क्यों जरूरी है। कोर्ट ने इसे निजता के अधिकार से जोड़ते हुए गंभीर चिंता जताई।
उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कांवड़ यात्रा के दौरान कोई भी ढाबा, होटल या दुकान किसी भगवान या देवी-देवता के नाम पर नहीं चलाया जाएगा। सभी कारोबारी अपनी दुकानों पर स्वयं का नाम अंकित करेंगे। अगर कोई भगवान के नाम का इस्तेमाल करता है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने इसे आस्था के साथ खिलवाड़ बताते हुए कहा कि सरकार अब किसी भी हाल में धार्मिक भावनाओं से समझौता नहीं करेगी। यदि कोई निर्देशों का उल्लंघन करता है तो धारा 223 के तहत तीन महीने की कैद, एक हजार रुपए का जुर्माना, या दोनों की संभावित सजा हो सकती है।
मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट किया कि जूस, दाल, रोटी जैसे खाद्य पदार्थों में मानवीय अपशिष्ट या गंदगी मिलाने की घटनाएं देश के कई हिस्सों में सामने आई हैं. उत्तर प्रदेश में ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि 'खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाए ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो सके।'
हर साल की तरह इस बार भी कांवड़ यात्रा के दौरान सड़कों पर भक्ति और श्रद्धा का माहौल रहेगा। मंदिरों, ढाबों और दुकानों पर शिव भक्ति के गीत, सजावट और सेवा के अनेक रूप दिखेंगे। लेकिन अब इन सबके बीच सरकार का यह सख्त निर्देश लागू रहेगा कि किसी भी दुकान या स्टॉल पर भगवान शिव या अन्य देवी-देवताओं के नाम का प्रयोग व्यवसायिक हित में नहीं किया जाएगा।
Published on:
01 Jul 2025 06:13 pm
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