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विश्व जल दिवस पर विशेष : धरती के नीचे 10 मीटर तक चला गया है भूगर्भ जल

पानी बचाने के लिए दम तोड़ रहे हैं सरकारी प्रयास लगातार दोहन होने से घटता जा रहा जल स्तर

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विश्व जल दिवस 2019:  साफ पानी के लिए ऐसे तड़प रहे हैं लोग, अगर अब भी कर रहे हैं पानी की बर्बादी तो...

विश्व जल दिवस 2019: साफ पानी के लिए ऐसे तड़प रहे हैं लोग, अगर अब भी कर रहे हैं पानी की बर्बादी तो...,विश्व जल दिवस 2019: साफ पानी के लिए ऐसे तड़प रहे हैं लोग, अगर अब भी कर रहे हैं पानी की बर्बादी तो...,विश्व जल दिवस 2019: साफ पानी के लिए ऐसे तड़प रहे हैं लोग, अगर अब भी कर रहे हैं पानी की बर्बादी तो...

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क

सहारनपुर ( Saharanpur ) जमीन के नीचे से लगातार पानी के दोहन के कारण जल स्तर गिरता जा रहा है । यह एक चिंता का विषय है। सहारनपुर एक ऐसा शहर है जो गंगा और यमुना को दोआब पर बसा है। यहां कई बरसाती नदियां भी हैं। बावजूद इसके सहारनपुर में जलस्तर 10 मीटर तक नीचे पहुंच गया है। उत्तराखंड की सीमा से सटे इस जिले में जलस्तर नीचे गिरने से पूरे प्रदेश में चिंता बनी हुई है। इसका कारण यह है कि अगर सहारनपुर में 10 मीटर तक जलस्तर नीचे पहुंच गया है तो बागपत गाजियाबाद मेरठ बिजनौर और दिल्ली में हालात और भी चिंताजनक होंगे।

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लगातार घटते जलस्तर को देखते हुए सहारनपुर के कुल 11 ब्लॉक क्षेत्रों में से आठ ब्लॉक क्षेत्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में वाटर लेवल 20 मीटर से भी नीचे पहुंच गया है। आज पूरे विश्व में जल दिवस मनाया जा रहा है और इसका मुख्य उद्देश्य लोगों में जागरूकता पैदा करना है। लोग पानी का दुरुपयोग करना बंद करें और पानी को संचय करना सीखें इसके लिए पूरी दुनिया में जल दिवस मनाया जाता है।

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विश्व जल दिवस के इस अवसर पर चिंता की बात यह है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी अधिकांश तालाब पोखर और नदियां सूख रही हैं। हिंडन में लगातार पानी कम होता जा रहा है। ऐसे में जल बचाना बेहद आवश्यक हो गया है। सवाल यह है कि साल में सिर्फ एक दिन जल दिवस पर इस चिंता काे करके क्या हम जल बचा सकेंगे।