
फीस बढ़ाने वाले स्कूलों पर प्रशासन का अंकुश, दी गई यह हिदायत
सहारनपुर। लॉक डाउन ( lockdown ) के बीच बार-बार फीस का दबाव बनाने वाले स्कूलों के खिलाफ अभिभावकों ने आस्तीनें चढ़ा ली हैं। पहली बार सहारनपुर में अभिभवाक स्कूलों की मनमानी के खिलाफ एकजुट हाे रहे हैं। अभिभावकों ने साफ कह दिया है कि अगर लॉक डाउन में किसी भी स्कूल ने फीस ली ताे वह हाइकाेर्ट ( High Court ) जाएंगे।
कोरोना संक्रमण ( Corona virus ) के खतरे काे देखते हुए पूरे देश में लॉक डाउन किया गया है। ऐसे में लोगों के व्यापार चाैपट हैं। बरसात ने किसानों की कमर ताेड़ दी है। हालात खराब हैं और इसी बीच प्राईवेट स्कूल लगातार फीस ( सीबीएसई स्कूल फीस ) के लिए दबाव बना रहे हैं। बच्चों की इन दिनों ऑन लाइन क्लास चल रही हैं और इन ऑनलाइन क्लास में बार-बार बच्चों से फीस मांगी जा रही है।
प्राईवेट स्कूलों के यह हालात तब हैं जब सहारनपुर जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने स्कूलों से कह चुके हैं कि स्कूल अभिभावकों पर फीस ( school fees ) के लिए दबाव ना बनाए। लॉक डाउन में लोगों के लिए अपना खर्च चलाना ही मुश्किल हाे रहा है ऐसे में स्कूलों काे फीस के लिए दबाव नहीं बनाना चाहिए स्कूल फीस काे अगले महीनों में मर्ज कर लें।
जब जिलाधिकारी के इस आग्रह काे भी स्कूलों ने नहीं माना ताे अभिभावकों ने आस्तीनें चढ़ा ली। अभिभावकों ( Guardians ) ने गार्जियन राइट्स ( guardians-rights ) के नाम से संगठन बनाया है। अब यही संगठन स्कूलों के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है। संस्था के प्रमुख संकल्प नैब, संजीव मनचंदा, अमित गाेयल, निखिल बंसल, गाैरव जैन आदि का कहना है कि जिला प्रशासन और ट्वीटर के माध्यम से मुख्यमंत्री काे शिकायत भेजी गई है। सभी अभिभावकों के साथ मिलकर अब लड़ाई काे काेर्ट तक ले जाया जाएगा।
Updated on:
04 May 2020 10:27 pm
Published on:
04 May 2020 10:25 pm

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