
देवबंद के मदरसों में पढ़ने वाले देशभर के हजारों छात्र लोकसभा चुनाव में नहीं करेंगे मतदान, जानिये क्यों
देवबंद. निर्वाचन आयोग भले ही शत-प्रतिशत मतदान के प्रति जागरूक करने को जोर शोर से अभियान चलाए जा रहा हो, लेकिन लोकसभा चुनाव में दारुल उलूम समेत विभिन्न इस्लामिक शिक्षण संस्थान के छात्र और बहुत से उस्ताद शिक्षक मतदान नहीं कर पाएंगे। दरअसल, दारुल उलूम समेत अन्य संस्थाओं में अप्रैल से वार्षिक परीक्षाएं आरंभ हो जाएंगी, जिसके चलते छात्र और उस्ताद अपने प्रदेशों और जनपदों से दूर होने के चलते पहले चार चरणों में होने वाले चुनाव में मतदान करने से वंचित रह जाएंगे। हालांकि वे उत्तर प्रदेश समेत अन्य प्रदेशों के अंतिम चरणों के मतदान में भाग ले सकेंगे। क्योंकि तब तक उनकी वार्षिक परीक्षाएं समाप्त हो जाएंगी और वे अपने घरों को लौट जाएंगे।
बता दें कि देवबंद के विभिन्न इस्लामी शिक्षण संस्थाओं में प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर के विभिन्न प्रदेशों के हजारों छात्र शिक्षा ग्रहण करते हैं। लेकिन, इस बार इस्लामिक शिक्षण संस्थाओं के छात्र लोकसभा चुनाव के दौरान परीक्षा के कारण अपने मतों का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। दारुल उलूम के तंजीम-ओ-तरक्की विभाग के प्रभारी अशरफ उस्मानी ने बताया कि कई दशक पहले दारूल उलूम के छात्रों को मतदान का अधिकार होता था। बाकायदा उनके वोट भी बनवाए जाते थे, लेकिन बाद में यह सुविधा समाप्त कर दी गई। उन्होंने बताया कि लोकतंत्र में सबको मतदान का अधिकार है। इसलिए अपने घरों से दूर बालिग छात्र को भी उनके शिक्षण संस्थाओं में मतदान का अधिकार दिया जाना चाहिए, ताकि वे लोकतंत्र के महापर्व में शामिल हो सकें।
इस संबंध में एसडीएम राकेश कुमार ने बताया कि पोस्टल बैलेट की व्यवस्था ड्यूटी पर रहने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए ही होती है। फिलहाल मदरसे में पढ़ने वाले छात्रों के लिए इस तरह का कोई सुविधा नहीं है।
Updated on:
17 Mar 2019 04:14 pm
Published on:
17 Mar 2019 11:20 am

बड़ी खबरें
View Allसहारनपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
