
देवबंद. जमीअत उलमा-ए-हिंद (Jamiat Ulema-e-Hind) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी (Maulana Arshad Madni) ने कहा कि देश के वर्तमान हालात बहुत चिंताजनक हैं। कश्मीर (Kashmir) से कन्याकुमारी (Kanyakumari) तक पूरा देश डरा सहमा हुआ है। भारतीय संविधान और कानून को दरकिनार कर न्याय के संवैधानिक परंपरा को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। यह अच्छा संकेत नहीं है। मौलाना अरशद मदनी ने गृहमंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) के उस बयान का विरोध किया है, जिसमें उन्होंने गैर मुस्लिम लोगों को भारतीय नागरिकता देने की बात कही थी।
मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि अब भारतीय संविधान आैर कानून को समाप्त करते हुए कानूनी न्याय की संवैधानिक परंपरा को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि नया इतिहास लिखा जा सके। इस दौरान मदनी ने गृहमंत्री अमित शाह पर जुबानी हमला बोलते हुए कहा कि उनके बयान से स्पष्ट है कि उनके निशाने पर सिर्फ मुसलमान हैं। गृहमंत्री की सोच संविधान की धारा 14-15 के विरुद्ध है। इसमें सभी नागरिकों से उनकी धार्मिक भाषा, खान-पान, रहन-सहन के नाम पर भेदभाव नहीं करने की बात की गई है।
उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पूर्व गृहमंत्री ने कहा था कि हिंदू, बौद्ध और जैन को देश से नहीं निकाला जाएगा। उसके बाद से ही वह इसका विरोध कर रहे हैं। गृहमंत्री अमित शाह की सोच संविधान के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि अयोध्या के मामले में सुनवाई पूरी होने पर पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें पूरा यकीन है, न्यायपालिका का निर्णय सबूतों और कानून की बुनियाद पर होगा।
Published on:
20 Oct 2019 10:22 am
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