मुसलमानों को सबसे ज्यादा टिकट देने वाली पार्टी का समर्थन करना चाहिए- कल्बे जव्वाद

जव्वाद ने कहा कि ‘1947 में जिन्ना ने देश के बंटवारे की सबसे बड़ी गलती की। अगर विभाजन नहीं होता, तो भारत में 60 करोड़ मुसलमान होते और कोई भी राजनीतिक दल उन पर उंगली उठाने की हिम्मत नहीं करता।’

By: Nitish Pandey

Published: 14 Oct 2021, 04:21 PM IST

सहारनपुर. जाने-माने शिया धर्मगुरु और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के वरिष्ठ सदस्य मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा है कि मुसलमानों को केवल उन पार्टियों के साथ गठबंधन करना चाहिए, जो उनके समुदाय के सदस्य को पर्याप्त सीटें दे सकें। मौलवी ने देवबंद में कहा कि ‘जब मुसलमानों के पास सरकार बनाने या तोड़ने के लिए पर्याप्त सीटें होंगी, तभी उन्हें सम्मान मिलेगा।’

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जव्वाद ने कहा कि ‘1947 में जिन्ना ने देश के बंटवारे की सबसे बड़ी गलती की। अगर विभाजन नहीं होता, तो भारत में 60 करोड़ मुसलमान होते और कोई भी राजनीतिक दल उन पर उंगली उठाने की हिम्मत नहीं करता।’



जव्वाद ने कहा कि राजनीतिक दल मुस्लिम समुदाय के लिए कोई भी काम करने में असफल रही है। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस, सपा, बसपा ने मुसलमानों के लिए कुछ नहीं किया, जबकि कांग्रेस ने देश में 55 साल शासन किया। भाजपा भी केवल बहुसंख्यक समुदाय को खुश रखना चाहती है।’



मौलवी एक 40 वर्षीय किसान के परिवार से मिलने जा रहे थे, जिनकी ठितकी गांव में पुलिस की छापेमारी के दौरान रहस्यमय तरीके से मौत हो गई थी।



सहारनपुर पुलिस ने 5 सितंबर को गोहत्या के आरोपों के बाद मोहम्मद जीशान को गिरफ्तार किया था और बाद में दावा किया था कि भागने की कोशिश करते समय उसने गलती से खुद को पैर में गोली मार ली थी, जिससे उसकी मौत हो गई। उसकी पत्नी ने पुलिस शिकायत में आरोप लगाया था कि पुलिस ने जीशान की पीट-पीटकर हत्या कर दी। तब पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) ने मामले की जांच के आदेश दिए थे।

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