
सहारनपुर। रविवार सुबह सहारनपुर में प्रवासी मजदूर बेकाबू हो गए। सड़क पर उतरे हजारों मजदूरों ने हंगामा शुरू कर दिया। एसएसपी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और हंगामा कर रहे मजदूरों काे राेकने की काेशिश की। करीब एक घंटे तक चले हाइवाेल्टेज हंगामे के बाद मजदूर शांत हुए। बाद में इन्हे बसों में बैठाकर सहारनपुर से रवाना किया गया।
हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर में रह रहे प्रवासी मजदूर कई दिनों से हरियाणा बॉर्डर से सहारनपुर में आ रहे हैं और इन सभी को सहारनपुर के पिलखनी स्थित शेल्टर होम में रखा गया है। यहां से इन्हें बसों और ट्रेनों के माध्यम से उनके गृह जनपद और राज्य पहुंचाया जा रहा है। बिहार के मजदूरों काे पिछले कई दिनों से यहां राेका हुआ था और ट्रेन के माध्यम से इन्हे भेजे जाने का आश्वासन दिया जा रहा था।
रविवार सुबह इन मजदूरों का सब्र टूट गया और सभी मजदूर शेल्टर होम से निकलकर अंबाला हाईवे पर आ गए। मजदूरों ने यहां जाम लगा दिया। इनका कहना था कि वह अब नहीं रुकेंगे और उन्हें जाने दिया जाए। एसएसपी दिनेश कुमार की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। हजारों मजदूरों के बीच भीड़ में घुसकर एसएसपी दिनेश कुमार ने इन मजदूरों काे समझाया कि अगर वह पैदल जाएंगे ताे उन्हे रास्ते में दूसरे जिले में रोका जाएगा। इसलिए शांत हाे जाएं उन्हे भिजाया जाएगा।
एसएसपी के समझाने पर मजदूर शांत हाे गए। हंगामे की सूचना पर कमिश्नर संजय कुमार, डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल और डीएम अखिलेश सिंह भी पहुंच गए। इस तरह सभी अधिकारियों ने मिलकर मजदूरों काे समझाते हुए शांत किया। बाद में इन्हे बसों के माध्यम से भिजवाया गया। इस तरह सहारनपुर में रविवार काे सुबह सात बजे दाेपहर बाद तक मजदूर और अफसर सड़क पर ही रहे।
Updated on:
17 May 2020 06:13 pm
Published on:
17 May 2020 08:32 am
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