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पोस्ट कोविड मरीजों पर मडंरा रहा स्ट्रॉक का खतरा ! ऐसे करें पहचान

जिन मरीजों में नहीं थे लक्षण उन्हें अधिक सावधान रहने की आवश्यकताअमेरिका में हुए विभिन्न शोधों में सामने आए चौंका देने वाला मामला

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पत्रिका, शिवमणि त्यागी
सहारनपुर ( Saharanpur ) कोरोना से ठीक हुए ( Post Covid ) समरीजों के सामने अब स्ट्रॉक और हार्ट अटैक ( attack and stroke ) का खतरा मंडरा रहा है। ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि हाल ही में हुए कुछ शोध में यह बात सामने आई है कि कोरोना काल के बाद 40 साल की उम्र के संक्रमित मरीजों में भी स्ट्रोक और हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं। सामान्य दिनों में ऐसा नहीं होता था लेकिन अब इस तरह के मामले सामने आने के बाद उन रोगियों को सचेत रहने की सलाह दी गई है जो कोरोनावायरस से ठीक हुए हैं। इनमें भी उन मरीजों काे अधिक सचेत रहना हाेगा जिनमें संक्रमित हाेने के दौरान कम लक्षण दिखाई दिए थे या ऐसे मरीज जो पहले से ही शुगर और हाई ब्लड प्रेशर के रोगी थे।

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वरिष्ठ फिजीशियन एवं हार्ट एस्पेशलिस्ट डॉ संजीव मिगलानी के अनुसार अमेरिका में हुए विभिन्न शोधों में यह बात सामने आई है कि जो स्ट्रॉक पहले 50 से अधिक उम्र वालों काे आते थे उसी स्तर के जानलेवा अटैक अब 30 से 40 उम्र के लोगों में भी देखे जा रहे हैं। यह एक चिंता का विषय है। इनमें से अधिकांश वह लोग हैं जाे पाेस्ट काेविड रोगी हैं यानि कोरोना को मात देकर ठीक हुए हैं। इनमें भी जो मरीज पहले से शुगर और हाई बीपी वाले थे और धुम्रपान करते थे उनमें खतरा दस गुना और अधिक ज्यादा है।

जानिए क्या है स्ट्रॉक
दरअसल कुछ ऐसे कोरोना रोगी हैं जो बाह्य रूप से तो स्वस्थ हाे गए लेकिन उनकी बॉडी में खून के थक्के बन गए। यह थक्के दिमाग की नसों में फंसकर दिमाग के किसी हिस्से में खून का प्रवाह रोक देंगे ताे इस स्थिति काे ब्रेन स्ट्रॉक कहा जाएगा। इसी तरह से अगर इनमें से काेई थक्का दिल की नस में फंसकर हार्ट में रुकावट पैदा करता है ताे इसे हार्ट अटैक कहेंगे। ऐसी स्थिति में आधी डिस्प्रीन प्राथमिक उपचार है। आधी डि्प्रीन लेने के तुरंत बाद इसीजी और सिटी स्कैन कराना चाहिए इसके बाद तुंरत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।


ब्रेन स्ट्रॉक के लक्षण ( stroke )
ब्रेन स्ट्रोक को पहचानने का एक महत्वपूर्ण लक्षण चेहरे पर सुन्न-पन्न आना है। चेहरे के एक हिस्से का टेढ़ा हाेना भी इसी का लक्षण है। दूसरा बड़ा लक्षण अचानक से बोलने में परेशानी होना है। स्ट्रोक आने पर व्यक्ति तुतलाने लगता है और वह शब्दों का सही से उच्चारण नहीं कर पाता। तीसरा लक्षण शरीर के एक हिस्से का कमजोर पड़ना होता है। इसका पता लगाने के लिए रोगी के दोनों हाथों में अपने दोनों हाथ देकर दोनों हाथों से मजबूती के साथ पकड़ने के लिए कहें। ऐसे रोगी के एक हाथ की पकड़ काफी कमजोर होगी। इसके अलावा सिर में तेज दर्द होना भी एक लक्षण है। अगर लगातार सिर में दर्द हो रहा है चक्कर आ रहे हैं या फिर मांसपेशियों में दर्द है तो यह भी लक्षण हैं। ऐसे में बिना देर किए चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।

हार्ट अटैक के लक्षण ( attack )
सीने तेज दर्द हाेना, सांस लेने परेशानी हाेना और चकक्कर आना भी हार्ट अटैक के लक्षण हैं। अगर रोगी काे पहले से ही शुगर है ताे ऐसे मरीजों में यह अटैक दर्दरहित भी हाे सकता है। अचानक पसीने आने पर या फिर सीने में तेज दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। हार्ट अटैक आने पर भी प्राथमिक उपचार के तौर पर आधी डिस्प्रीन काे तुरंत मुंह में चबा लें और इसीजी के बाद जब आपकाे पता चल जाए कि हार्ट अटैक आया है तो तुरंत सॉर्बीट्रेट की एक गोली अपनी जीभ के नीचे भी रख लें। यह प्राथमिक उपचार है इसके बाद डॉक्टर की सलाह लें।

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