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तैयार हुआ ऐसा आक्सीजन कंस्ट्रेटर, एक साथ तीन मरीजों को मिलेगी मदद, यूपी के लोगों के लिए फायदेमंद

Corona Virus की दूसरी लहर ने लोगों पर कहर बरपाया है। जीवनरक्षक दवाइयों के साथ-साथ ऑक्सीजन की बड़ी मात्रा में कमी देखने को मिल रही है। ऐसे में पीएम मोदी (PM Modi) के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के पूर्व छात्र ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए बड़ी मिसाल पेश की है।
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वाराणसी

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Karishma Lalwani

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Updated: 2 Jun 2021, 12:51 PM IST

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वाराणसी. उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस (Corona Virus) की दूसरी लहर ने लोगों पर कहर बरपाया है। जीवनरक्षक दवाइयों के साथ-साथ ऑक्सीजन की बड़ी मात्रा में कमी देखने को मिल रही है। ऐसे में पीएम मोदी (PM Modi) के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के पूर्व छात्र ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए बड़ी मिसाल पेश की है। बीएचयू के पूर्व छात्र और युवा इनोवेटर गौरव सिंह ने ऐसा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर तैयार किया है, जो कि कम खर्चे में ही ऑक्सीजन सपोर्ट दे सकता है। खास बात यह है कि इसके जरिये एक साथ तीन लोगों को मदद मिल सकती है। इस जल्द ही बाजार में लॉन्च कराने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसके लाइसेंस के लिए भारत सरकार को अर्जी दी गई है।

बीएचयू के पूर्व छात्र गौरव सिंह ने कहा कि यह ऑक्सीजन कंसट्रेटर बनाने में उन्हें डेढ़ महीने का वक्त लगा। यह कंसट्रेटर पहले ही पूरा हो जाता लेकिन कोरोना कर्फ्यू लागू होने के कारण इसमें वक्त लग गया। अब ये बनकर तैयार है। इसको बनाने में लगे सामान बड़ी मुश्किल से मिल रहे थे। इसलिए इसकी लागत थोड़ी ज्यादा आई है। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के बनने में करीब 61 हजार रुपये की लागत आई है, जबकि सामान्य दिनों में जब बाजार खुलेंगे तब यह लागत घटकर करीब 40 हजार रुपये हो जाएगी।

आत्मनिर्भर भारत से प्रेरित होकर बनाया कंसट्रेटर

युवा इनोवेटर गौरव सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत को इस कंसट्रेटर को बनाने के पीछे वजह बताया। उन्होंने कहा कि यह अनुसंधान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत से प्रेरित होकर और प्रोफेसर पीके मिश्रा के मार्गदर्शन में तैयार किया है। जल्दी यह बाजार में उपलब्ध होगा। इसके लाइसेंस के लिए सरकार को अर्जी दी गई।

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