
शिवमणि त्यागी. सहारनपुर. भीम आर्मी सेना के प्रमुख चंद्रशेखर उर्फ रावण पर सहारनपुर पुलिस प्रशासन की ओर से रासुका की कार्यवाही की गई है। रावण को हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद उसके जेल से बाहर आने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन पुलिस की इस कार्रवाई से अब यह साफ हो गया है कि चंद्रशेखर उर्फ रावण अभी जेल से बाहर आने वाला नहीं है।
एसएसपी ने की पुष्टि
पत्रिका उत्तर प्रदेश से बातचीत करते हुए सहारनपुर एसएसपी बबलू कुमार ने इस कार्यवाही की पुष्टि की है। उन्होंने बताया है कि पहले से ही कार्यवाही चल रही थी जिला अधिकारी के हस्ताक्षर के बाद भीम आर्मी सेना के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण को रासुका में निरुद्ध किया गया है।
गुरुवार को ही लग गई थी रासुका
चंद्रशेखर उर्फ रावण पर गुरुवार शाम को ही रासुका कार्यवाही पूरी हो गई थी। शुक्रवार सुबह जिला जेल में इसको तामील भी करा दिया गया। पुलिस के एक वरिष्ठ अफसर ने बताया कि गुरुवार शाम को कार्यवाही पूरी कर ली गई थी और अब रासुका की कार्यवाही को अंतिम रूप दे दिया गया है। जहां-जहां पत्राचार होने हैं वहां-वहां पत्राचार भी हो गए हैं और चंद्रशेखर को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत निरुद्ध कर दिया गया है।
सहारनपुर में भड़की जातीय हिंसा का मुख्य आरोपी है चंद्रशेखर
चंद्रशेखर उर्फ रावण पर सहारनपुर में भड़की जातीय हिंसा की घटनाओं को अंजाम देने वाली भीड़ का नेतृत्व करने के आरोप है। बता दें कि भीम आर्मी सेना सहारनपुर में भड़की जातीय हिंसा की घटना के बाद ही चर्चा में आई थी और चंद्रशेखर इसी भीम आर्मी सेना के संस्थापक हैं।
8 जून को पुलिस ने किया था गिरफ्तार
चंद्रशेखर उर्फ रावण को सहारनपुर पुलिस की एक टीम ने 8 जून को हिमाचल प्रदेश के डलहौजी से गिरफ्तार किया था। भीम आर्मी से जुड़े अन्य कई आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी लेकिन भीम आर्मी सेना के संस्थापक चंद्रशेखर की गिरफ्तारी नहीं हो रही थी। सहारनपुर में भड़की जातीय हिंसा की घटना के करीब एक माह बाद पुलिस ने इसे गिरफ्तार किया था।
चंद्रशेखर के भाई ने लगाया लापरवाही का आरोप
भीम आर्मी सेना के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण के भाई ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उपचार कराने में जेल प्रशासन की ओर से लापरवाही हुई है। जेल में चंद्रशेखर का उत्पीड़न किया जा रहा है। बता दें कि चंद्रशेखर उर्फ रावण के परिजन इससे पहले भी जेल प्रशासन पर आरोप लगाते रहे हैं। इससे पहले चंद्रशेखर पर जेल में हमला किए जाने की घटना भी सुर्खियों में रह चुकी है। अब अचानक से चंद्रशेखर की हालत बिगड़ने पर उनके परिजनों ने एक बार फिर से जेल प्रशासन पर आरोप लगाए हैं।
रासुका लगाने पर दी थी भूख हड़ताल की चेतावनी
बता दें कि पखवाड़ेभर पहले भीम आर्मी एकता मिशन के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार पर बहुजन समाज का उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी थी कि भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर पर रासुका लगाई तो कार्यकर्ता भूख हड़ताल करेंगे। उस दौरान मल्हीपुर रोड स्थित नया गांव में हुई बैठक में बहुजन समाज की महिलाओं ने कहा अंदेशा जताया था कि पुलिस प्रशासन उन पर रासुका लगाने के लिए प्रक्रिया कर रहा है।
Published on:
03 Nov 2017 01:26 pm
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