
maviya ali
सहारनपुर/देवबंद
विश्व विख्यात इस्लामिक संस्था दारुल उलूम की कमेटी मजलीस-ए-शूरा के सदस्य, एआईयूडीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद बदरुउद्दीन अजमल से ब्लैकमेल करनेके आराेप में जेल गए पूर्व विधायक माविया अली गुरुवार शाम जमानत पर रिहा हो गए।
देर शाम जेल से रिहा होने के बाद पूर्व विधायक ने कहा कि उन्हें झूठे आरोपों में जेल भेजवाया गया था और अब वह सांसद की पोल इस्लामिक जगत में खोलेंगे। रंगदारी मांगने के आरोप में जेल गए पूर्व विधायक माविया अली देर शाम जेल से पांच दिन बाद जमानत पर बाहर आए ताे उनके समर्थकाें में खुशी की लहर दाैड़ पड़ी। बताया जाता है कि, सांसद बदरुउद्दीन अजमल और पूर्व विधायक माविया अली में देवबंद के ईदगाह रोड स्थित ट्रस्ट की जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इसी मामले में सांसद ने ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाते हुए रविवार को माविया अली के खिलाफ दिल्ली स्थित साऊथ एवेन्यू थाने में तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर दिल्ली पुलिस ने माविया अली काे दिल्ली के ही एक आलीशान हाेटल से गिरफ्तार कर लिया था। माविया अली की मंगलवार को पटियाला कोर्ट से जमानत हो गई थी लेकिन उस दिन जमानतियों का वेरीफिकेशन नहीं हाे पाया था। जिसके चलते वह जेल से रिहा नहीं हो सके थे। बुधवार को ईद-उल-अजहा का त्याैहार होने के कारण छुट्टी थी आैर इस तरह जमानत हाे जाने के बाद भी माविया अली काे ईद जेल की सलाखाें के पीछे ही माननी पड़ी। अब गुरुवार का उनकी रिहाई का परवाना कोर्ट से जेल पहुंच गया और वह देर शाम जमानत पर जेल से बाहर आ सके।
माविया अली ने जेल से बाहर आते ही पत्रिका रिपाेर्टर से हुई बातचीत में कहा कि, जिस जमीन की बिक्री में उन पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है वह निराधार है। बाेले कि एक षडयंत्र के तहत मुझे लखनऊ से बुलाकर मेरे खिलाफ फर्जी मामला दर्ज कराया गया आैर गिरफ्तारी कराई गई।
माविया अली का कहना है कि, जब घटना की जांच होगी तब असलियत सामने आएगी और वह सांसद के खिलाफ मानहॉनि का मुकदमा करेंगे। माविया अली ने यह भी कहा कि वह देवबंद पहुंचने पर अगली रणनीति की प्रेस के सामने पूरी जानकारी रखेंगे।
Published on:
24 Aug 2018 12:00 am
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