
सहारनपुर। उत्तराखंड आंदोलन के संस्थापक स्वामी दर्शन भारती गुरूवार को भाजपा के पूर्व नगरध्यक्ष गजराज राणा के कार्यालय पहुंचे। उन्होने कहा कि कभी मुस्लिम महिलाएं इतनी बड़ी संख्या में बाहर नहीं आई, जितना की अब सीएए के विरोध में उतरी है। उन्होंने सीएए का समर्थन करते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शनों के लिए 'पीएफआइ व दारुल उलूम को सऊदी अरब से फंडिंग की जा रही है'।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्वामी दर्शन भारती ने कहा कि सीएए देश की एकता और अखंडता के लिए जरूरी है। देश और विदेश में बैठी कुछ ताकतें लगातार देश के प्रति मुस्लिमों को भ्रमित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सीएए के विरोध में देशभर में हो रहे प्रदर्शनों के पीछे दारुल उलूम का हाथ है। शाहीन बाग से भी बड़े मॉडयूल भारत में तैयार करने के लिए कई मुस्लिम देशों से फंडिंग की जा रही है। ये देशभर में और भी बड़े—बड़े मॉडल तैयार करना चाहते हैं। शाहीन बाग तो कुछ भी नहीं है।
ऐसे में इन्हें रोकने की जरुरत है। तालिबान और देवबंद को एक ही विचारधारा का माना जाता है। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और दारुल उलूम मिलकर इसकी तैयारी कर रहे हैं। इनके लिए सऊदी अरब से फंडिंग की जा रही है। उन्होंने दारुल उलूम मजहबी शिक्षा के नाम पर कट्टरवाद को जन्म दे रहा है। साथ ही मुस्लिमों को भ्रमित करने का काम कर रहा है।
Updated on:
07 Feb 2020 10:31 am
Published on:
07 Feb 2020 10:24 am
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