
river
सहारनपुर ( Saharanpur ) जिस पांव धाेई नदी को साफ करने के लिए पिछले 10 वर्षों से जुगत चल रही है और करोड़ों रुपया खर्च हो चुका है। उस नदी का पानी इतना दूषित हो गया है कि रविवार को सैकड़ों मछलियों ( Thousands of fish killed )की मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि किसी ने नदी में जहरीला और प्रदूषित पानी छोड़ा है जिससे यह घटना घटी।
इस पूरे मामले में प्रशासनिक अफसर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। फिलहाल चर्चाएं हैं कि किसी ने नदी में जहरीला पानी डाला है जिससे यह घटना हुई। बताया जा रहा है कि, बाबा लालदास बाड़े के पास जहां पांवधाेई नदी का उद्गम स्थल है वहां पर केमिकल वाली फैक्ट्रियों के कचरे की धुलाई की जाती है। यहां बोरियों की धुलाई की जाती है। इन बोरियों में चूना और गमैक्सीन आदि होते हैं। आशंका जताई जा रही है कि, इसी वजह से पानी जहरीला हो गया और मछलियों की ( died ) मौत ( died ) हो गई।
पांवधाेई नदी को साफ करने के लिए सहारनपुर में पिछले दस वर्षों से प्रयास चल रहे हैं। करोड़ों रुपया अब तक पानी की तरह बहा बहा जा चुका है। यह नदी शहर के बीचोबीच से निकलती है। दशकों पूर्व इस नदी का पानी इतना स्वच्छ था कि इसी नदी में केवट लीला भी हुआ करती थी। रामलीला का यह मंचन देखने के लिए प्रदेश भर से लोग सहारनपुर पहुंचा करते थे लेकिन अब यह नदीं गंदे नाले का रूप ले चुकी है।
Updated on:
07 Sept 2020 02:08 pm
Published on:
07 Sept 2020 02:03 pm

बड़ी खबरें
View Allसहारनपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
