
अमरोहा प्रकरण में सहारनपुर के पशु चिकित्सकों को राजनीति करना महंगा पड़ गया। अमरोहा के डिप्टी सीवीओ पर हुई कार्रवाई के विरोध में सहारनपुर के चिकित्सकों ने अपने सामूहिक स्थिति दिए थे। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि शासन ने इनमें से छह पशु चिकित्सकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। इस्तीफे स्वीकार होने के बाद अब चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया है। क्योंकि सरकार ने इनके इस्तीफे स्वीकार करके इन्हें विभाग से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
दरअसल, अमरोहा जिले की एक गौशाला में 50 से अधिक गाय की मौत हो गई थी। इस मामले में एक स्पेशल जांच टीम बनाई गई थी। इस जांच टीम ने जो अपनी रिपोर्ट दी थी उसके आधार पर शासन ने अमरोहा के डिप्टी सीवीओ को निलंबित कर दिया था। सरकार की इस कार्यवाही के विरोध में पशु चिकित्सा संघ से जुड़े चिकित्सक विरोध में खड़े हो गए थे और सहारनपुर के 23 पशु चिकित्सकों ने अपने पदों से इस्तीफा लिखकर शासन को भेज दिया था। उनका यह दबाव बनाने का एक तरीका था।
दे रहे थे नौकरी छोड़ने की धमकी
डॉक्टर्स को लग रहा था कि सरकार पर इस तरह से दबाव बनेगा और अमरोहा की कार्यवाही को वापस लिया जाएगा। इस्तीफा देने के साथ उन्होंने शर्त में लिखा था कि अगर अमरोहा के सीवीओ पर हुई कार्रवाई को वापस नहीं लिया गया तो वे नौकरी छोड़ देंगे। अब सरकार ने इन्हीं पशु चिकित्सकों को झटका दे दिया है। सरकार ने उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार समेत डॉ. सुनील दत्त, डॉ. मुकेश गुप्ता, डॉ. संजय चतुर्वेदी, डॉ. नागेंद्र सिंह और डॉ. अखिलेश गुप्ता के इस्तीफे मंजूर कर लिया है।
3 उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और 3 पशु चिकित्सकों के इस्तीफे मंजूर
सहारनपुर जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सामूहिक इस्तीफा देने वाले तीन उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों और तीन पशु चिकित्सकों के इस्तीफे शासन ने मंजूर कर लिए हैं। बीते दिनों इन चिकित्सकों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दिया था।
Published on:
15 Sept 2022 04:18 pm
