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पुरातन संस्कृति को वर्तमान समय से जोड़ना जरूरी : कोठारी

गुलाब कोठारी ने बताया कि, पत्रिका ने समाज को जोड़ने के लिए हमेशा कार्य किया है। ऐसे कई यादगार अभियान चलाए हैं, जिन अभियान से जहां जनता को उनका हक मिला वहीं पुरानी परम्पराओं को दोबारा से जीवंत कर जनता के चेहरे पर मुस्कान लाने का काम किया है।
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लखनऊ

•

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lokesh verma

•

Dec 11, 2021

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. पत्रिका समूह के चेयरमैन व प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने शुक्रवार को लखनऊ में संवाद सेतु कार्यक्रम के तहत कहाकि, वक्त आ गया है कि पुरातन संस्कृति को वर्तमान समय से जोड़ा जाए। साथ ही उन्होंने कहाकि, पत्रिका का उद्देश्य व्यापारिक हित नहीं है सिर्फ जनहित है, हम निष्पक्ष पत्रकारिता को अहमियत देते हैं।

निष्पक्ष पत्रकारिता करना एक कठिन कार्य

संवाद सेतु कार्यक्रम में प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने आजकल की पत्रकारिता को आईना दिखाते हुए कहाकि, मीडिया हाउस के लिए आज के वक्त में निष्पक्ष पत्रकारिता करना एक कठिन कार्य है। अब आजादी से पहले वाली पत्रकारिता नहीं रह गई है। अब सिर्फ भ्रमित करने वाली पत्रकारिता रह गई है। पर पत्रिका ऐसी पत्रकारिता में विश्वास नहीं करता है।

कई यादगार अभियान चलाए

गुलाब कोठारी ने बताया कि, पत्रिका ने समाज को जोड़ने के लिए हमेशा कार्य किया है। ऐसे कई यादगार अभियान चलाए हैं, जिन अभियान से जहां जनता को उनका हक मिला वहीं पुरानी परम्पराओं को दोबारा से जीवंत कर जनता के चेहरे पर मुस्कान लाने का काम किया है।

शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत

शिक्षा व्यवस्था पर सचेत करते हुए प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने कहा कि, वर्तमान शिक्षा लोगों को अपनों से दूर कर रही है। अपनी माटी से दूर कर रही है। और संस्कृति से भी दूर कर रही है। इसलिए ऐसी शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है।

पत्रिका अपने आप में एक विपक्ष

प्रधान संपादक ने बताया कि, जो खबर होती है पत्रिका बिना किसी भय, डर के हर हाल में प्रकाशित करता है। चाहे उसके लिए उसे किसी भी कीमत को चुकाना पड़े। पत्रिका अपने आप में एक विपक्ष है।

पाठकों को नया पेशा है

प्रधान संपादक ने बताया कि आज का पाठक नई तकनीक की वजह से रात्रि में सभी बड़ी खबरों को पढ़ लेता है। जान लेता है। अब सुबह उसे कुछ नया चाहिए। तो पत्रिका वह नई चीज उपलब्ध करता है। इसलिए पत्रिका को लोग प्यार करते हैं।

संस्कृति को वर्तमान पीढ़ी से जोड़ने की जरूरत

गुलाब कोठारी ने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि, हम अपनी संस्कृति से वर्तमान पीढ़ी को जोड़ना है। वेद, पुराण, गीता आदि की व्याख्या आज के वक्त के हिसाब से करें। तकनीकी के हिसाब से करें। तो नई पीढ़ी आसानी से उससे कनेक्ट हो जाएगी। और हम ऐसा प्रयास कर रहे
हैं।

अगला कार्यक्रम कानपुर शहर में

संवाद सेतु कार्यक्रम लखनऊ के हिल्टन गार्डेन इन के हॉल में हुआ। जिसमें पत्रिका समूह के डिप्टी एडीटर भुवनेश जैन ने भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम में प्रबुद्धजनों ने हिस्सा लिया और लखनऊ के ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा की। अगला कार्यक्रम कानपुर शहर में होगा।