
सतना जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की जानलेवा लापरवाही- demo pic
रमाशंकर शर्मा, सतना- इससे बड़ी विडंबना क्या होगी कि जहां लोग जिंदगी बचाने आते हैं वहीं उन्हें मौत के मुंह' में भेजने जैसी लापरवाही कर दी जाए! सतना जिला अस्पताल में बच्चों के साथ ये काम किया गया। ब्लड बैंक वालों ने थैलेसीमिया से पीड़ित 4 बच्चों को एचआईवी पॉजिटिव खून चढ़ा दिया गया। करीब 4 महीने पुराने इस मामले का अब खुलासा हुआ जिससे हड़कंप मच गया है। चारों प्रभावित बच्चे 8 से 11 साल की उम्र के हैं। मामले में प्रदेश के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भी सख्ती दिखाई। उन्होंने घटना की जांच के निर्देश देते हुए रिपोर्ट तलब की है। एक पीड़िता के पिता ने दावा किया है कि HIV प्रभावित बच्चों की संख्या 4 नहीं बल्कि 6 है। उन्होंने कहा कि ब्लड बैंक वाले मेरी बेटी को मरने की स्थिति में ले आए। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया। इधर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने hiv मामले को संज्ञान में लेते हुए नोटिस देने की बात कही।
सभी बच्चे पहले एचआईवी नेगेटिव थे लेकिन बाद की जांच में वे एचआईवी पॉजिटिव पाए गए। आईसीटीसी में कराई जांच में यह तथ्य सामने आते ही खलबली मच गई। सतना जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. देवेंद्र पटेल ने बताया कि
थैलेसीमिया के मरीजों को कई बार खून चढ़ाया जाता है। इससे एचआईवी संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि HIV संक्रमण किस ट्रांसफ्यूजन के दौरान हुआ। ब्लड डोनरों की भी पहचान कर उनकी जांच की जा रही है। बता दें कि थैलेसीमिया से पीड़ित रोगियों का नियमित रूप से ब्लड ट्रांसफ्यूजन किया जाता है।
बच्चों को सतना जिला अस्पताल के साथ ही रीवा के बिरला अस्पताल और अन्य जिलों से भी खून मुहैया कराया गया था। सभी बच्चों के मां-पिता की भी जांच कराई गई जिसमें वे एचआईवी नेगेटिव पाए गए।
HIV संक्रमण से ग्रस्त हुई थैलेसीमिया से पीड़ित एक बच्ची के पिता ने कहा है कि मेरी बेटी पर पहले से ही भगवान की मार पड़ी थी। अब ब्लड बैंक उसे मरने की स्थिति में ले आया। पिता ने यह भी आरोप लगाया कि आज तक किसी दोषी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने सरकार से इस गंभीर मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। पिता का कहना है कि यही घटना किसी रसूखदार या बड़े लोगों के साथ होती तो हंगामा मच जाता। पीड़िता के पिता ने HIV प्रभावित बच्चों की संख्या 6 होने का भी दावा किया।
कांग्रेस ने इस मामले में सरकार को घेरा है। प्रदेश के पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने प्रदेश की बीजेपी सरकार और जिम्मेदारों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं फेल हो गई हैं।
मामले उठा तो जिले के कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस भी सक्रिय हुए। उन्होंने सीएमएचओ से मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। घटना की जांच के लिए सतना जिला अस्पताल के सिविल सर्जन ने चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी बच्चों को hiv से संक्रमित कर दिए जाने के मामले की गंभीरता देखते हुए इसपर संज्ञान लिया है। आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने कहा कि कल हम नोटिस जारी करेंगे।
Updated on:
16 Dec 2025 08:00 pm
Published on:
16 Dec 2025 07:07 pm
