
85 officers of Satna district will change
सतना। आगामी चुनावों को लेकर चुनाव आयोग के निर्देश के बाद जिले के ऐसे सभी अधिकारियों की सूची राज्य शासन को भेज दी गई है जिन्हें जिले में तीन साल हो गए हैं या फिर उन्होंने 2013 के चुनाव व उपचुनाव में मौजूद रहे हैं। राजस्व महकमे की स्थिति देखें 85 फीसदी अधिकारी तबादले की जद में आ रहे हैं तो पुलिस महकमे में भी 40 के लगभग अधिकारी आयोग की परिभाषा में तबादले की जद में है।
आयोग द्वारा 2 जून को राजस्व और पुलिस अधिकारियों की सूची शासन को भेजने के निर्देश दिए गये थे। हालांकि आयोग के सूत्रों की माने तो उपचुनाव में रहे कलेक्टर और एसपी के मामले में इतनी सख्ती नहीं रहेगी। इसमें सिर्फ वहीं प्रभावित हो सकते हैं जो चुनाव के दौरान विवादित रहे हैं या फिर उन पर कोई गंभीर आक्षेप रहे हैं। बहरहाल इस मामले में मुख्य सचिव की ओर से भी पत्राचार किया गया है तो राज्य निर्वाचन आयोग ने भी मार्गदर्शन मांगा है।
सतना जिले के परिप्रेक्ष्य में देखें तो आयोग ने जो गाइड लाइन जारी की है उसके अनुसार सिर्फ दो डिप्टी कलेक्टर और अमरपाटन एसडीएम (आईएएस) अभी सुरक्षा घेरे में हैं। इसके अलावा सभी डिप्टी कलेक्टर तबादले की जद में आ रहे हैं। इसमें या तो उनके तीन साल पूरे हो चुके हैं या फिर उनमें से कुछ ने 2013 में यहां चुनाव कराएं हैं या फिर उपचुनाव में यहां रह चुके हैं। आयोग की परिभाषा से बचने वाले राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की बात करें तो ओमनारायण सिंह और एक प्रोबिजनर अधिकारी संस्कृति शर्मा (जो अभी प्रशिक्षण में हैं) बच रहे हैं। इसमें डिप्टी कलेक्टर सुरेश अग्रवाल और केके पाठक तीन साल के दायरे में हैं तो अपर कलेक्टर भी 2013 में सतना जिले में आरओ रह चुके हैं। एपी द्विवेदी चित्रकूट उपचुनाव में आरओ रह चुके हैं। हाल ही में आए डिप्टी कलेक्टर सुरेश गुप्ता भी 2013 में सतना में रहचुके हैं तो शेष अन्य डिप्टी कलेक्टर उपचुनाव में यहां रहे हैं।
सिर्फ एक तहसीलदार बचेंगे
तहसीलदारों की स्थिति देखें तो सतना जिले में पूरा सूपड़ा साफ होने की स्थिति बन गई है। सिर्फ एक तहसीलदार सुधाकर सिंह को छोड़ दें तो शेष सभी तहसीलदार आयोग के पैमाने की जद में आ रहे हैं।
40 पुलिस अधिकारियों पर तबादले की तलवार
इसी तरह पुलिस महकमे में देखें एसआई से आला अधिकारी तक 40 नाम ऐसे है जो या तो 2013 में यहां चुनाव करवा चुके हैं या फिर उप चुनाव के दौरान यहां पदस्थ रहे हैं। अगर आयोग अपने सामान्य मार्गदर्शी निर्देशों पर यथावत रहता है तो इनका जिले से जाना तय है। इसमें शहर प्रमुख सहित अन्य अधिकारी भी शामिल हैं। वहीं तीन एसआई जिनके मामले न्यायालय में विचाराधीन है उनके भी नाम हेडक्वार्टर भेजे गए हैं। इनके संबंध में भी आयोग से मार्गदर्शन उपरांत निर्णय लिया जाएगा। इनमें कपूर त्रिपाठी, ओपी चोंगड़े और भूपेन्द्र मणि पाण्डेय शामिल है।
Published on:
11 Jun 2018 12:53 pm
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