
Betul Oil Mill-Satna Solvent Sale ban on satna mandi administration
सतना/ बिना पूर्व सूचना बुधवार को कृषि उपज मंडी में सोयाबीन की डाक नीलामी में भाग न लेना मंडी के दो सोयाबीन व्यापारियों को महंगा पड़ गया। मंडी प्रशासन ने दोनों व्यापारियों के कृत्य को मनमानी एवं मंडी के क्रय-विक्रय कार्य में बाधा डालकर राजस्व क्षति पहुंचाने वाला माना। इस पर बैतूल ऑयल मिल व सतना सॉल्वेंट के क्रय-विक्रय (अनुज्ञा) पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इतना ही नहीं, मंडी सचिव ने दोनों सोयाबीन व्यापारियों को नोटिस जारी कर तीन दिन में खरीदी न करने का स्पष्टीकरण मांगा है।
यदि समय पर नोटिस का सही जवाब नहीं मिला तो दोनों का अनाज खरीदी अनुबंध निरस्त कर दिया जाएगा। जारी नोटिस में मंडी सचिव ने बताया कि 18 अक्टूबर को पत्र लिखकर सोया व्यापारियों ने जो मांगें रखी थीं, उनमें से एक राज्य सरकार एवं दूसरी जिला प्रशासन स्तर की है। इनका निराकरण मंडी समिति द्वारा संभव नहीं है। इसके बावजूद मंडी समिति पर दबाव बनाने के लिए व्यापारियों ने बिना पूर्व सूचना मंडी में अनाज खरीदी रोक दी। इससे मंडी एवं किसानों को नुकसान हुआ है।
70% किसानों ने नहीं बेची उपज
गुरुवार को सतना मंडी में सोयाबीन की डाक नीलामी हुई। लेकिन, भाव न मिलने के कारण अधिकांश किसानों ने डाक होने के बाद उपज बेचने से मना कर दिया। कृषकों ने बताया कि गुणवत्तायुक्त सोयाबीन के दाम 3400 रुपए तक बोले गए। लेकिन बारिश में खराब हुई सोयाबीन के दाम 2600 रुपए प्रति क्विंटल तक बोले गए। इससे निराश किसानों ने अपनी उपज नहीं बेची। उपज के भाव न मिलने से 70 फीसदी किसान बिना उपज बेचे ही अपने-अपने घर को लौट गए। गुरुवार को बड़े सोया व्यापारियों के डाक में भाग न लेने के कारण कृषि उपज मंडी में सोयाबीन के भाव दो से तीन सौ रुपए कम बोले गए।
दूसरे दिन खरीदी में उतरे टेडर्स
सोयाबीन मिल व्यापारियों ने दूसरे दिन भी डाक नीलामी में भाग नहीं लिया। उनकी अनुपस्थिति पर टेडर्स व्यापारी मैदान में उतरे और मंडी में सोयाबीन की खरीदी की। दूसरे दिन सोयाबीन की डाक नीलामी शुरू होने से मंडी प्रशासन ने राहत की सांस ली। लेकिन सोयाबीन का भाव कम मिलने के कारण दो दिन से उपज बेचने मंडी में पड़े किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
Published on:
01 Nov 2019 12:14 pm
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