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मंदाकिनी को सदानीरा बनाने शुरू हुआ अभियान, जिपं सीईओ ने उद्गम से देखी नदी की हालत

धार्मिक महत्व के स्थल चित्रकूट की जीवंत करती है पुण्य सलिला मंदाकिनी पुण्य स्नान करने सालाना आते हैं लाखों श्रद्धालु

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Campaign started to make Mandakini river Sadanira

Campaign started to make Mandakini river Sadanira

सतना. राम की कर्मभूमि चित्रकूट में जनआस्था का केन्द्र पुण्य सलिला मंदाकिनी को सदानीरा बनाने का अभियान जिला पंचायत सीईओ शुरू करने जा रही हैं। लाखों लाख लोग इस नदीं में पुण्य स्नान करने यहां आते हैं ऐसे में बारहों माह इसमें पर्याप्त पानी रहे इस दिशा में कदम उठाए जाएंगे। इसको लेकर जिपं सीईओ ऋजु बाफना ने मंदाकिनी के उद्गम स्थल माने जाने वाले ब्रह्मकुण्ड से लेकर आगे सती अनुसुइया स्थल तक जिपं सीईओ ने पैदल चल कर नदी की स्थिति देखी। साथ ही यहां ज्यादा से ज्यादा जल आ सके इसकी प्लानिंग के निर्देश तकनीकि अमले को दिए गए। इसके साथ ही वाटरशेड मिशन सहित अन्य विभागीय अधिकारियों को सात दिन में इसका पूरा प्लान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

चित्रकूट को मिनी स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में तेजी से प्रयास शुरू हो चुके हैं साथ ही प्रदेश सरकार चित्रकूट को अपनी प्राथमिकता में लेते हुए राम वन गमन पथ सहित 84 कोषीय पथ पर भी फोकस है। ऐसे में चित्रकूट की जीवन रेखा और धार्मिक महात्म्य का केन्द्र मानी जाने वाली पुण्य सलिला मंदाकिनी को सदानीरा और स्वच्छ बनाने की आवश्यकता भी बलवती हो गई है। मंदाकिनी सफाई अभियान का ज्यादातर काम नगरीय निकाय के हिस्से का है लेकिन नदी को सदानीरा बनाने की दिशा में जिपं सीईओ ऋजु बाफना ने अभियान शुरू कर दिया है। इसे नदी पुनर्जीवन योजना से जोडऩे की जहां कोशिश शुरू कर दी गई है वहीं नदी को बारहमासी बनाने रखने नदी के उद्गम स्थल से आगे तक का निरीक्षण किया गया।

ब्रह्मकुण्ड के नीचे बनेंगे स्ट्रक्चर

मंदाकिनी नदी प्रोजेक्ट के लिये जिपं सीईओ के साथ डब्लूआरडी के अधिकारी, वाटर शेड मिशन का तकनीकि अमला और अन्य स्थानीय जानकारी भी साथ रहे। प्रोजेक्ट के लिये उद्गम स्थल ब्रह्मकुण्ड से शुरूआत की गई। पाया गया कि कुण्ड में तो पानी है लेकिन आगे जाने पर कुछ स्थानों पर पानी घटता जाता है। ऐसे में कुण्ड के नीचे वाटरशेड की संरचनाएं बनाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा नदी के कैचमेंट एरिया में इस तरह की संरचनाएं बनाने कहा गया कि ज्यादा से ज्यादा पानी नदी को रिचार्ज करता रहे। इस दौरान सती अनुसुइया तक नदी का जायजा लिया गया और आवश्यकतानुसार संरचनाएं बनाने के निर्देश दिए गए। जिपं सीईओ ने तकनीकि अमले को निर्देश दिए कि 7 दिन में इनसका प्लान तैयार कर प्रस्तुत किया जाए।

सीएम के सामने रखा जा सकता है प्रस्ताव

दिसंबर माह में मुख्यमंत्री का चित्रकूट दौरा प्रस्तावित है। ऐसे में माना जा रहा है कि मंदाकिनी प्रोजेक्ट पूरी तरह से तैयार हो जाता है तो उसे मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत किया जा सकता है और मंदाकिनी को सदानीरा बनाने की दिशा में स्वीकृति भी ली जा सकती है।

पटनी तालाब का गहरीकरण

इसके बाद पटनी तालाब का निरीक्षण किया गया। तालाब का गहरीकरण करने और वाटर शेड मिशन के अन्य कार्य करने के निर्देश दिए गए। हालांकि इसके पहले परीक्षण करने कहा गया। इसके आगे के गांव में पाया गया कि यहां दो पहाड़ों के बीच रिक्त स्थान है। यहां स्ट्रक्चर बनाकर जल संचयन किया जा सकता है साथ ही कंटूर, ट्रंच आदि संरचनाएं भी बनाई जा सकती है। जो यहां का जल स्तर बढाने में मदद करेंगी। इसके बाद केवीके का निरीक्षण किया गया और इसके नीचे के स्टापडैम को रिपेयर करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में आवास की समीक्षा

अंत में मझगवां में विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। स्पष्ट कहा गया कि जिन्होंने राशि लेने के बाद काम नहीं कराए हैं वे सात दिन में राशि वापस कर दें। साथ ही जो लोग राशि लेकर अन्यत्र चले गए हैं उनपर सख्त कार्यवाही प्रस्तावित की जाए। भटवा सचिव की लापरवाही पर नोटिस जारी करने कहा गया।