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सियासी घमासान के बीच छत्तीसगढ़ के सीएम का बड़ा बयान, सिंधिया के लिए बोल दी बड़ी बात

छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल का बड़ा बयान- 'सत्ता से दूरी बढ़ी तो बिन पानी मछली की तरह छटपटाने लगे सिंधिया'

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सियासी घमासान के बीच छत्तीसगढ़ के सीएम का बड़ा बयान, सिंधिया के लिए बोल दी बड़ी बात

सतना/ मध्य प्रदेश में चल रही राजनीतिक उथलपुथल के बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बड़ा बयान सामने आया है। धार्मिक आयोजनों में शामिल होने प्रदेश के सतना और रीवा आए सीएम भूपेश ने कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा में शामिल हुए दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया पर हमला बोला। सतना में हवाई पट्टी पर उतरते ही सीएम बघेल ने कहा कि, 'मैं सिंधिया को बहुत ही धैर्यवान नेता समझता था, लेकिन बिना सत्ता के वो बिन पानी की मछली की तरह छटपटा रहे हैं। सत्ता से दूरी बढ़ने पर वो अपना धैर्य खो चुके हैं।'

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सीएम बघेल का दावा

प्रदेश में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम पर सीएम बघेल ने दावा किया कि, 'भाजपा चाहे कुछ भी कर ले, मध्य प्रदेश में कांग्रेस की ही सरकार रहेगी। अनावश्यक रूप से भाजपा यहां कांग्रेस के मंत्रियों और विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है। अभी भी कई विधायकों को बंधक बनाकर रखा गया है।' उन्होंने कहा कि, 'मुझे पूरा विश्वास है कि, मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार न केवल बहुमत सिद्ध करेगी, बल्कि पूरे पांच साल सरकार भी चलाएगी।'

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हनुमान जी के मंदिर में सीएम भूपेश की आस्था

बता दें कि, सतना के नागौद तहसील के खैरुआ में विराजे हनुमानजी पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की आस्था है। राजनीतिक जानकारों की माने तो, छत्तीसगढ़ में 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले हनुमान मंदिर के पुजारी ने बघेल को सीएम बनने का आशीर्वाद दिया था। इसलिए वो सीएम बनने के बाद एक बार फिर हनुमानजी की शरण में पहुंचे हैं। बघेल यहां पहले कोटी क्षेत्र के नकटी पहुंचे। खैरुआ के बाद उन्होंने सिंहपुर के लाल शाह मजार पर जाकर चादर भी चढ़ाई।

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भाजपा ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

इधर, सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण के बाद विधानसभा की कार्यवाही 26 मार्च तक स्थगित कर दी गई। कोरोना से सतर्कता के मद्देनजर ये फैसला लिया गया। हालांकि, फ्लोर टेस्ट की मांग पर अड़ी भाजपा फौरन ही सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तरफ से लगाई गई याचिका में 12 घंटों के भीतर मामले पर सुनवाई करने की अपील की। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने भी याचिका को मंजूर करते हुए 17 मार्च की सुबह इसपर सुनवाई करने की बात कही है।