
Commissioner urban administration gave notice to the collector
सतना. जिले के बहुचर्चित रामनगर के ढाई करोड़ के आवास घोटाले को लेकर एसडीएम रामनगर की लापरवाही को अब शासन स्तर पर गंभीरता से लिया गया है। इस मामले में संबंधितों पर कार्रवाई के लिए हाईकोर्ट से स्थगन आदेश पारित है। जिसका ओआईसी एसडीएम रामनगर को बनाया गया है। लेकिन उनकी ओर से इस दिशा में कोई गंभीरता नहीं बरती जा रही है। प्रदेश स्तर पर विवादों में आए इस मामले में जिस तरीके की अनदेखी हो रही है उसे आयुक्त नगरीय प्रशासन पी नरहरि ने गंभीरता से लिया है। इस मामले में उन्होंने कलेक्टर को पत्र लिख कर कहा है कि मामले में स्टे को वैकेट कराने विधि सम्मत कार्रवाई की जाए जिससे दोषियों पर अविलंब कार्रवाई हो सके। उधर नगर परिषद के सीएमओ को अपात्रों से राशि जमा करानेव अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई करने कहा है।
कलेक्टर ने की थी सूची अनुमोदित
जानकारी के अनुसार आयुक्त नगरीय प्रशासन नरहरि ने जारी नोटिस में कहा है कि संचालनालय से गठित त्रिस्तरीय जांच दल ने पाया था कि 307 हितग्राहियों की सूची का अनुमोदन कलेक्टर सतना ने किया था। ऐसे में योजना के जो भी पात्र हितग्राही हैं उनकी प्रगति के आधार पर परियोजना की शेष किश्त शासन के दिशा निर्देश अनुसार दी जाएं। इस अनुमोदित सूची में 115 हितग्राही जो शासकीय भूमि में निवासरत है लेकिन उनके पास पट्टा नहीं है उन्हें नियमानुसार पात्रता होने पर पट्टा प्रदाय करने की कार्यवाही शीघ्र की जाए।
अपात्रों से 30 दिन में जमा कराएं राशि
आयुक्त ने कहा कि ऐसे समस्त अपात्र हितग्राही को निकाय से ली गई राशि को जमा करने के लिये 30 दिन का समय देते हुए अंतिम सूचना पत्र जारी किया जाए। ऐसे हितग्राही जिन्होंने शासकीय या अन्य प्रयोजन की भूमि पर अवैध तरीके से अतिक्रमण कर निर्माण कर लिया है उन्हें भी हटाने नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 223 के तहत कार्रवाई करने का उल्लेख करते हुए नोटिस जारी करें।
दोषियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया में तेजी लाएं
आयुक्त ने कलेक्टर एवं सीएमओ नगर परिषद रामनगर से कहा है कि अपात्र हितग्राहियों को प्रथम किश्त के रूप में 1 लाख रुपये की राशि देने के अपराध में तत्कालीन सीएमओ ने 5 अक्टूबर 2018 को दोषी अधिकारियों कर्मचारियों के विरुद्ध स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं उच्च न्यायालय में प्रचलित याचिका में पेटिशनर पर कार्रवाई के विरुद्ध स्थगन आदेश जारी है। कलेक्टर सतना उच्च न्यायालय में इस स्टे को वैकेट कराने विधि अनुसार कार्रवाई करें जिससे दोषी अधिकारी कर्मचारी के विरुद्ध अविलंब कार्रवाई की जा सके।
एसडीएम स्तर पर लापरवाही
मामले में स्टे वैकेट कराने के लिये एसडीएम रामनगर को ओआईसी बनाया गया है। लेकिन उनके द्वारा मामले में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इस मामले की शिकायत सीएम हाउस तक हुई है जहां से आयुक्त को मामले में निर्देश मिले हैं। इसके बाद आयुक्त ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर को पत्र लिख कर निर्देश जारी किए हैं।
Published on:
25 Dec 2019 01:49 am
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