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satna: कांग्रेस जिला कार्यकारिणी का विरोध शुरू, सविता ने सचिव पद से दिया इस्तीफा

एक बार फिर सतह पर आई गुटबाजी

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Congress district executive protests begin, Savita resigns

Congress district executive protests begin, Savita resigns

सतना. जिला कांग्रेस कमेटी सतना ग्रामीण की कार्यकारिणी घोषित होने के साथ ही विवादों में घिरती जा रही है। कमेटी का पार्टी और संगठन स्तर पर विरोध के स्वर सुनाई देने लगे हैं। गुट विशेष के लोगों को कमेटी में स्थान दिए जाने के आरोप के बीच ही दूसरे दिन एक इस्तीफा भी सामने आ गया है। सविता अग्रवाल ने अपने डिमोशन का आरोप लगाते हुए सचिव पद से इस्तीफा दे दिया है।
मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस महासचिव सविता अग्रवाल को जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण में सचिव बनाया गया है। इसके पूर्व वे जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण में उपाध्यक्ष पद पर एवं जिला महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। वर्तमान में वे प्रदेश महिला कांग्रेस महासचिव के साथ जिला पन्ना की प्रभारी भी हैं। उन्होंने पत्रिका को बताया कि वे सदैव पार्टी के लिए कर्तव्यनिष्ठा से काम करती रही हैं। ऐसे में यदि प्रमोशन नहीं कर सकते हैं तो डिमोशन किया जाना स्वीकार नहीं है। पूर्व में वरिष्ठ पद धारित करने के बाद वे सचिव पद में नहीं रह सकती हैं। लिहाजा, सचिव पद से इस्तीफा दे रही हैं।

गुटबाजी सतह पर आई

कमेटी गठन के साथ ही एक बार फिर जिले में गुटबाजी खुलकर सतह पर आ गई है। आरोप लगने शुरू हो गए हैं कि गुट विशेष से जुड़े लोगों को तरजीह दी गई और पुराने कांग्रेस से जुड़े लोगों को दरकिनार कर चिह्नित लोगों को जिम्मेदारी दी गई है। जिले में दो गुटों में बंटी कांग्रेस के दूसरे गुट के लोगों को स्थान नहीं मिलने के गंभीर आरोप लगे हैं। पूर्व कार्यकारिणी में महामंत्री का दायित्व देख चुके विमलेश त्रिपाठी ने कहा कि नई कार्यकारिणी में जमीनी कार्यकर्ताओं को तरजीह नहीं दी गई है। 6 माह पहले भाजपा और बसपा से आए लोगों को पदाधिकारी बना दिया गया है। बसपा के मुबारक अली व प्रदीप समदरिया को महामंत्री तथा भाजपा के आशुतोष तिवारी, कृष्णपाल चतुर्वेदी व उपेन्द्र सेन को जिला सचिव की जिम्मेदारी दी गई। जबकि, सालों से कांग्रेस के लिए लडऩे वाले जमीनी लोगों को दरकिनार कर दिया गया। हाल ही में सदस्यता लिए फूल सिंह टेकाम व पूनम सिंह को भी पदाधिकारी बना दिया गया। इससे साफ संदेश जा रही है कि कमेटी चेहरे देख कर तय की गई है काम देख कर नहीं।
मंत्री ने संभाली स्थिति
मामले पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने एक सवाल के जवाब में स्थिति संभालते हुए कहा कि कहीं कोई गुटबाजी नहीं है। जो लोग छूट गए हैं उन्हें शामिल किया जाएगा। कहीं कोई विवाद की स्थिति न होने की बात उन्होंने कही।