11 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

satna: केन्द्र सरकार की आत्म निर्भर भारत रोजगार योजना के नाम पर ठग बांट रहे फर्जी नौकरी

बेरोजगारी का आलम यह है कि अब केन्द्र सरकार की योजना के नाम पर ठगी का कारोबार शुरू हो गया है। मध्यप्रदेश के सतना और रीवा जिले में केन्द्र सरकार की आत्म निर्भर भारत रोजगार योजना के नाम पर ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं से ठगी की जा रही है। नौकरी देने के नाम पर हजारों रुपये की उनसे वसूली करने गिरोह सक्रिय है। केन्द्र की योजना के नाम पर गिरोह बेरोजगार युवाओं से सुपरवाइजर, महिला स्वास्थ्य मित्र सहित अन्य पदों के नाम पर नौकरी के लिये फर्जी फार्म भरवा कर हजारों रुपये वसूल रहा है।

2 min read
Google source verification
satna: केन्द्र सरकार की आत्म निर्भर भारत रोजगार योजना के नाम पर बांट रहे फर्जी नौकरी

fake job in the name of center's atmanirbhar bharat rozgar yojana

सतना. कोरोना महामारी शुरू होने के बाद देश में लाखों लोगों ने अपनी नौकरियां गंवाई हैं। ऐसे में केन्द्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना प्रारंभ की है। नौकरी के संकट को देखते हुए लागू की गई इस योजना के तहत कर्मचारियों और नियोक्ताओं को कई तरह की सहूलियतें दी गई है। लेकिन इस योजना की आड़ में जिले में ठगी करने वालों का गिरोह सक्रिय हो गया है। यह गिरोह ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच कर लोगों को इस योजना का नाम लेकर सुपरवाइजर और महिला स्वास्थ्य मित्र के नाम पर नौकरी का ऑफर दे रहा है। नौकरी के एवज में वह संबंधितों से 11 हजार रुपये तक वसूल रहा है। सरकारी योजना के नाम पर चल रहे इस फर्जीवाड़े में पैसा दे चुके युवा बेरोजगारों से आगे अन्य लोगों का चयन करने कहा जाता है। ऐसा मामला बिरसिंहपुर तहसील के ग्राम नगवर में सामने आया है।

गिरोह का रीवा में हेड ऑफिस

मिली जानकारी के अनुसार आत्म निर्भर भारत रोजगार योजना और स्वच्छ एवं स्वास्थ्य जागरुकता मिशन में सुपरवाइजर और महिला स्वास्थ्य मित्र के नाम पर नौकरी देने वाले गिरोह का अभी पूरा कामकाज रीवा जिले के ढेकहा से संचालित हो रहा है। इस गिरोह के सदस्य सतना जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच कर इस योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को झांसा देकर नौकरी का ऑफर दे रहे हैं। इनके द्वारा सुपरवाईजर पद के लिये जो ऑफर दिया जाता है, उससे पहले 11 हजार रुपये लिये जाते हैं। इसी तरह महिला स्वास्थ्य मित्र के नाम पर भी शुरुआत में राशि जमा कराई जाती है।

नगवर में बेरोजगारों से वसूले पैसे

विगत दिवस इस गिरोह के सदस्य बिरसिंहपुर तहसील के ग्राम नगवर में पहुंच कर युवतियों को झांसा देकर सुपरवाईजर की नौकरी के लिये फार्म भरवाया। उनसे 11 हजार रुपये लिये और कहा कि आपकी आईडी बनकर आने के साथ ही काम प्रारंभ हो जाएगा। काम के संबंध में बताया गया कि आपको गांव के अन्य लोगों का चयन करना होगा। इन्हें संस्था से प्रदान की जाने वाली सामग्री देनी होगी। अगर सामान्य भाषा में समझें तो यह गिरोह एक नेटवर्क मार्केटिंग का काम केन्द्र की योजना के नाम पर कर रहा है। इसके लिये अल्का सिंह पिता कमलेश सिंह से इस गिरोह ने 11375 रुपये लिये और बकायदे इसकी रसीद भी दी।

योजना के तहत नौकरी का झांसा

गिरोह के लोग आत्म निर्भर भारत रोजगार योजना के तहत जिला को-ऑर्डिनेटर, ब्लाक-को-ऑर्डिनेटर, सुपरवाइजर, ग्राम पंचायत मित्र, महिला स्वास्थ्य मित्र के नाम पर फार्म भरवाते हैं। इसके बाद पैसे लेकर आगे आईडी जनरेट करने की बात की जाती है। अल्का सिंह ने बताया कि उनके पास इस संस्था की सदस्य अंजली साकेत आई थी। उसी ने योजना के तहत नौकरी देने की बात कहते हुए पूरी प्रक्रिया करवाई है।

रीवा में बुलाया नौकरी के लिए

पत्रिका प्रतिनिधि ने इस योजना के कथित राष्ट्रीय प्रतिनिधि के मोबाइल नंबर 9369357220 पर संपर्क किया। संबंधित व्यक्ति ने खुद का नाम तो नहीं बताया। लेकिन कहा कि अगले दिन ऑफिस टाइम सुबह 11 से शाम 5 बजे तक रीवा के ढेकहा पहुंच कर संपर्क कीजिए। जहां से ऑफिस का पता दिया जाएगा। यहां आपको नौकरी की शर्तें और काम बताया जाएगा। उसने शीघ्र सतना मे ऑफिस खोलने की बाते भी कहीं।

''अभी इस तरह की कोई शिकायत सामने नहीं आई है। जैसा बता रहे हैं उसकी छानबीन कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।'' - धर्मवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक सतना