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परिवहन के अभाव में गेहूं से पटी मंडी, खरीद धीमी

जगह उपलब्ध कराने के नाम पर किसानों से अवैध वसूली शुरू 17 हजार मीट्रिक टन गेहूं उठाव के लिए पड़ा 4488 किसानों से 32371 मीट्रिक टन गेहूं की कुल खरीद

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In the absence of transport wheat procurement slow

In the absence of transport wheat procurement slow

सतना. उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसान तेजी से पहुंचने लगे हैं। लेकिन उठाव ठीक से नहीं होने से केन्द्रों में गेहूं रखने की जगह नहीं बची है, ऐसे में खरीद की गति धीमी हो गई है। वहीं, जिले की सबसे बड़ी मंडी में उठाव न होने से स्थल अभाव के कारण किसानों से जगह के नाम पर ३ रुपए प्रति बोरी की वसूली भी प्रारंभ हो गई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। मामले में ठेकेदार और जिला विपणन अधिकारी को दोषी माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, जिले में अब तक 4488 किसानों से 32371 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है, जबकि 17320 मीट्रिक टन गेहूं का उठाव लंबित है। हर वर्ष की तरह परिवहन की धीमी गति खरीद में बाधक बनना शुरू हो गई है। जिम्मेदारों द्वारा परिवहनकर्ता की दो जा रही ढील के कारण समय पर उठाव और परिवहन नहीं हो पा रहा है। मामला संज्ञान में आने पर संयुक्त आयुक्त सहकारिता ने जिला विपणन अधिकारी को नोटिस जारी किया है। जिसमें कहा है कि ई-उपार्जन पोर्टल में रेडी टू ट्रांसपोर्ट के तहत 17320.936 मीट्रिक टन का परिवहन लंबित दिखा रहा है। इसलिये रेडी टू ट्रांसपोर्ट के तहत गेहूं के परिवहन की तत्काल व्यवस्था कराएं। चेताया है कि परिवहन में विलंब या अन्यथा की स्थिति बनती है तो इसके लिए उत्तरदायी डीएमओ होंगे।

मंडी में 9 रुपए प्रति बोरी वसूली

जिले की सबसे बड़ी कृषि उपज मंडी में स्थित खरीद केन्द्र में किसानों से खुलेआम लूट का कारोबार हो रहा है। यहां गेहूं लेकर आए किसान राजललन ने बताया कि यहां जगह का अभाव है। इसलिए चौकाई (जगह बनवाने के नाम पर) के 3 रुपए प्रति बोरी, बोरी खाली करवाई 3 रुपए तथा बोरी तौलवाई 3 रुपए प्रति बोरी लिए जा रहे हैं, जबकि यह राशि किसी भी स्थिति में किसानों से नहीं ली जा सकती है। यह वसूली खरीद प्रभारी के निर्देश पर हो रही है। किसान लगातार इसकी शिकायत कर रहे हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

किसानों को एसएमएस करवाएं कलेक्टर

उधर, खाद्य नागरिक आपूर्ति के संचालक श्रीमन शुक्ला ने कलेक्टर को बताया है कि किसानों को अपनी उपज विक्रय करने में अधिक समय तक इंतजार नहीं करना पड़े इसलिए खरीद केन्द्र की तौल क्षमता के अनुसार किसानों को एसएमएस करने की सुविधा समिति स्तर पर दी गई है। लेकिन अभी तक एक भी बार एसएमएस किया जाना नहीं पाया गया है। इसलिए तत्काल यह व्यवस्था लागू करने कहा गया है। कहा गया है कि तौल पर्चीधारी किसानों की तौल उसी दिन कराई जाए।
साइलो में परेशान हुए किसान

मौहारी साइलो में गुरुवार को बड़ी संख्या में किसानों को परेशान होना पड़ा। जिन किसानों का साइलो में पंजीयन था वे जब यहां अपना गेहूं बेचने पहुंचे तो साइलो प्रबंधन ने खरीदी करने के इंकार कर दिया। कहा कि साइलो में अब जगह नहीं है। इसके साथ ही मैपिंग में सवाल खड़े हो गए हैं। खाद्य विभाग द्वारा उपलब्ध क्षमता के अनुसार किसानों की मैपिंग कर खरीदी केन्द्र निर्धारित किण् गए थे। ऐसे में बिना पूरी खरीद हुए साइलो का भरना बड़े गड़बड़झाले की ओर इशारा कर रहा है। बताया गया कि जिला स्तर से लेनदेन कर कई किसानों के अलग से खरीदी केन्द्र के रूप में साइलो आवंटित कर दिया गया। जिससे यहां मूल किसान परेशान हो रहा है। गुरुवार को यहां विवाद की भी स्थिति इस वजह से बनी।


" यह गंभीर मामला है। कल अधिकारियों को मंडी भेजकर जांच करवाई जाएगी।" -नागेन्द्र सिंह, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी