
Information not provided for ongoing works during the Code of Conduct
सतना. आचार संहिता को लागू हुए एक माह होने को है पर आचार संहित की तय गाइडलाइन के तहत विभिन्न निर्माण एजेंसियों के प्रारंभ और अप्रारंभ कामों की जानकारी सार्वजनिक नहीं हो सकी है। जबकि आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि आचार संहिता लागू होने के 72 घंटे बाद समस्त निर्माण एजेंसियों के शुरू हो चुके एवं प्रगतिरत कार्यों व अप्रारंभ कार्यों की सूची जिला निर्वाचन के पोर्टल पर सार्वजनिक करना होगी। हालांकि जिले में दो दर्जन के लगभग निर्माण एजेंसियां हैं, लेकिन अभी तक जिला निर्वाचन पोर्टल पर महज पांच निर्माण एजेंसियों के कामों का ब्यौरा सार्वजनिक की जा सकी है। शेष किस एजेंसी में किस तरह के काम कब से चल रहे हैं इसकी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकी है।
आचार संहिता जारी होने के साथ ही चुनाव आयोग जिला निर्वाचन द्वारा किए जाने वाले कामों की टाइम लाइन सहित गाइड लाइन जारी की जाती है। इसके अनुसार डी-3 स्तर अर्थात आचार संहिता जारी होने के तीसरे दिन के कार्यों में जिले की सभी निर्माण एजेंसियों के शुरू हो चुके एवं प्रगतिरत व अप्रारंभ कामों की सूची सार्वजनिक की जानी होती है। यह सूची जिला निर्वाचन पोर्टल पर सार्वजनिक होनी चाहिए जो एनआईसी सतना के पोर्टल पर निर्मित किया गया है। पाया जा रहा कि जिला निर्वाचन पोर्टल में महज पांच निर्माण एजेंसियों की सूची सार्वजनिक की गई है। इनमें जनपद पंचायत उचेहरा, ईई आरईएस, नगर परिषद कोठी, नगर परिषद बिरसिंहपुर सहित उचेहरा जनपद में सांसद विधायक मद से चल रहे कामों का ब्यौरा दिया गया है।
इनका ब्यौरा सार्वजनिक नहीं
जिले में 8 जनपद पंचायतें, 11 नगर परिषद सहित अन्य निर्माण विभाग लोनिवि, जल संसाधन, एमपीआरडीसी, सेतु निर्माण विभाग, पीआईयू, हाउसिंग बोर्ड, ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सड़क योजना आदि है। इनमें से सोहावल, मझगवां, मैहर, अमरपाटन, नागौद, रामपुर बाघेलान, रामनगर जनपद पंचायत के कामों का कोई ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसी तरह से नगर परिषद नागौद, रामपुर बाघेलान, अमरपाटन, मैहर, मझगवां, रामनगर, कोटर, जैतवारा की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। लोक निर्माण विभाग, जलसंसाधन विभाग, सेतु निर्माण विभाग, जिला पंचायत, पीआईयू, सर्व शिक्षा अभियान, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, एमपीआरडीसी सहित अन्य निर्माण एजेंसियों के कामों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।
यह है आयोग की मंशा
चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी विभाग के कोई भी नए काम या फिर पुराने अप्रारंभ काम शुरू नहीं किए जा सकते हैं। इसके पीछे माना जाता है कि आचार संहिता लागू होने के बाद अगर काम चालू होते हैं तो इससे मतदाता प्रभावित हो सकते हैं। आयोग मानता है कि जनसामान्य की जानकारी के लिए चालू और अप्रारंभ कामों की सूची सार्वजनिक की जाए, ताकि आचार संहिता के बाद कोई काम स्वीकृत हो तो उसकी जानकारी सामने आ सके।
"पोर्टल चेक करवा कर जिन विभागों की सूची नहीं आई होगी उन्हें डलवाया जाएगा। अभी तक कहीं से आचार संहिता के बाद कोई निर्माण शुरू होने की शिकायत नहीं आई है" - सतेन्द्र सिंह, कलेक्टर
Published on:
07 Apr 2019 10:54 pm
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