
jabalpur rewa shuttle passes through a broken railway track in satna
सतना/ जबलपुर से चलकर रीवा की ओर जाने वाले गाड़ी नंबर 51701 रीवा-जबलपुर शटल मंगलवार की सुबह बड़ी दुर्घटना का शिकार होते-होते बची है। बताया गया कि शटल पैसेंजर निवार स्टेशन से माधवनगर स्टेशन की ओर जा रही थी। तभी अचानक लोको पायलट की नजर टूटी पटरी पर पड़ी। आनन-फानन में लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया।
ट्रेन के रूकते ही यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। तुरंत सहायक लोको पायलट ने यात्रियों को समझाया तो लोगों ने राहत की सांस ली। वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बाद रेलवे अमले ने 1 घंटे में सुधार कार्य के बाद ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना किया है।
ये है मामला
रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि गाड़ी क्रमांक 51701 रीवा-जबलपुर शटल निवार स्टेशन से रवाना होकर माधव नगर की ओर जा रही थी। जैसे ही शटल गाड़ी 1073/2/3 ट्रेन किलोमीटर के पास आईबीएच सिग्नल के समीप पहुंची वैसे ही लोको पायलट की नहर टूटी हुई पटरी पर पड़ी। आनन-फानन में लोको पायलट ने ट्रेन को बड़ी दुर्घटना से बचाने के लिए इमरजेंसी ब्रेक लगाया।
ब्रेक लगाते ही ट्रेन खितची हुई टूटी पटरियों के पास पहुंच गई। टूटी पटरी से इंजन सहित चार बोगियों के गुजरने के बाद ट्रेन में बैठे यात्रियों को जबरदस्त तरीके से झटका लगा। ट्रेन के रूकते ही यात्रियों ने अपनी-अपनी सीट को छोड़कर बाहर की ओर भागे। जैसे ही सबको ट्रेन के पटरियों से बड़े हादसे से बचने की खबर मिली तो सब ने राहत की सांस ली। सूत्रों की मानें तो यहां पर पहले से ही रेल ट्रैक फैक्चर था।
लोको पायलट ने तत्काल ट्रेन को रोककर दुर्घटना से बचाया और रेलवे के अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। कहते है रेल दुर्घटना के कारण शटल गाड़ी 40 मिनट तक घटनास्थल पर ही खड़ी रही। सुधार कार्य के बाद फिर 10:40 पर माधव नगर के लिए रवाना किया गया। इसके बाद ट्रेन साउथ स्टेशन पर 10:45 पर पहुंची और 10:50 पर कटनी स्टेशन पहुंची, जबकि वास्तविक समय कटनी स्टेशन पर पहुंचने का 9:13 बजे होता है।
90 फीसदी होते है सतना-रीवा के यात्री
बता दें कि सतना और रीवा के यात्रियों के लिए एकलौती पैसेंजर गाड़ी है। इस गाड़ी में ज्यादातर नागपुर से लौटने वाले मरीज होते है। कटनी से आगे झुकेही स्टेशन के बाद अमदरा से सतना, मैहर रोजाना अप-डाउन करने वाले ज्यादातर लोग होते है। इसमे स्कूली बच्चे सहित कॉलेजी छात्र भी शामिल रहते है। नागपुर से लौट रहे एक यात्री ने बताया कि इमरजेंसी ब्रेक लगाते ही कुछ समय के लिए लगा कि जैसे जान ही निकल गई हो। लेकिन जब सब लोग सकुशल बच गए तो भगवान का शुक्रिया अदा किया।
Published on:
05 Nov 2019 01:36 pm
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