
madhya pradesh districts are not serious about preparation of monsoon
सतना. इस बार मानसून की स्थिति सामान्य रहने और अच्छी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रदेश के सभी जिलों को अभी से मानसून की तैयारी का प्लान तैयार करने शासन स्तर से निर्देश दिए गए थे। कहा गया था कि प्लान तैयार करके उसकी जानकारी शासन को भेजी जाए, लेकिन स्थिति यह है कि प्रदेश में सीधी इकलौता जिला है जिसने मानसून की तैयारी का प्लान बना कर शासन को भेज दिया है। इसके अलावा किसी भी जिले ने अपने यहां बारिश या मानसून की तैयारियों का कोई प्लान तैयार नहीं किया है। इसको लेकर राहत आयुक्त ने असंतोष जताते हुए कलेक्टरों से शीघ्र प्लान तैयार कर भेजने के निर्देश दिए हैं।
अचानक आ जाती हैं समस्याएं
पाया गया है कि मानसून के दौरान अचानक तेज बारिश से बाढ़, जलभराव सहित अन्य समस्याएं सामने आ जाती है। जिससे आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित होता है, साथ ही सरकारी खजाने को भी इस दौरान काफी नुकसान होता है। इसे लेकर शासन स्तर से इस बार पहले ही इस संबंध में पूर्व की घटनाओं को देखते हुए मानसून की तैयारियों का प्लान तैयार करने जिलों को निर्देश दिए गए थे। साथ ही आपदा प्रबंधन दल द्वारा तैयार की गई 33 पेज की गाइड लाइन भी भेजी गई थी। जिसमें प्लान तैयार करने की रूपरेखा उल्लेखित थी। लेकिन मामले को लेकर सीधी के अलावा प्रदेश के किसी भी जिले ने गंभीरता नहीं बरती है।
इस तरह तैयार करना था प्लान
मानसून का जो प्लान तैयार करना था उसमें सबसे पहले बैक ग्राउंड और वर्तमान स्थितियों का उल्लेख करना था। इसके बाद एक्शन प्लान तैयार करना था। जिसमें इसका औचित्य, उ²ेश्य, रणनीति और उठाये जाने वाले कदम का उल्लेख करना था। इसके बाद पूर्व चेतावनी और कम्युनिकेशन का प्लान तैयार करना था। जिसमें पहले से मौसम की भविष्यवाणी, अलर्ट, जन जागरुकता आदि का प्लान देना है। इसके बाद रोकथाम, बचाव की तैयारियों की जानकारी का खाका खींचना है। इसके अलावा इससे जुड़े रिकार्ड आदि का उल्लेख भी करना है। इसके साथ क्या करें और क्या न करें आदि की जानकारी भी दी जानी थी। लेकिन यह सब किसी भी जिले ने सीधी को छोड़ कर तैयार नहीं किया।
Published on:
26 Apr 2019 12:18 am
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