
mahashivratri sms
सतना। देशभर के भक्त यही जानते है कि महाकाल का मंदिर सिर्फ उज्जैन में है। लेकिन इसका दूसरा उपलिंग भी है ये ज्यादातर लोग नहीं जानते है। यहां MP.PPATRIKA.COM आपको -लिंग से उपलिंग बनने की कहानी बता रहा है। सतना जिला मुख्यालय से तकरीबन 35 किमी. दूर स्थित भगवान गैवीनाथ का मंदिर है। जहां खंडित शिवलिंग की पूजा होती है। इसका वर्णन पदम पुराण के पाताल खंड में मिलता है। पदम पुराण के अनुसार त्रेतायुग में बिरसिंहपुर में राजा वीर सिंह का राज्य हुआ करता था।
उस समय बिरसिंहपुर नगर का नाम देवपुर था। राजा वीर सिंह प्रतिदिन भगवान महाकाल को जल चढ़ाने घोड़े पर सवार होकर उज्जैन दर्शन करने जाते थे। बताया गया कि लगभग 600 वर्षों तक यह सिलसिला चलता रहा। इस तरह राजा वृद्ध हो गए और उज्जैन जाने में परेशानी होने लगी। एक बार उन्होंने भगवान महाकाल के सामने मन की बात रखी।
महाकाल ने राजा को स्वप्न में दर्शन दिए
बताया जाता है, एक दिन भगवान महाकाल ने राजा को स्वप्न में दर्शन दिए और देवपुर में दर्शन देने की बात कही। इसके बाद नगर के गैवी यादव नामक व्यक्ति घर में एक घटना सामने आई। घर के चूल्हे से रात को शिवलिंग रूप निकलता, जिसे यादव की मां मूसल से ठोक कर अन्दर कर देती। कई दिनों तक यही क्रम चलता रहा। एक दिन महाकाल फिर से राजा को स्वप्न में आए और कहा कि मैं तुम्हारी पूजा व निष्ठा से प्रसन्न होकर तुम्हारे नगर में निकलना चाहता हूं, लेकिन गैवी यादव मुझे निकलने नहीं देता। इसके बाद राजा ने गैवी यादव को बुलाया और स्वप्न की बात बताई। जिसके बाद घर की जगह को खाली कराया गया। राजा ने इसके बाद भव्य मंदिर का निर्माण कराया, महाकाल के ही कहने पर शिवलिंग का नाम गैवीनाथ रख दिया। तब से भोलेनाथ को गैवीनाथ के नाम से जाना जाता है।
चारोधाम का चढ़ता है जल
पौराणिक मन्यताओं के अनुसार यहां चारोधाम से लौटने वाले भक्त भगवान भोलनाथ के दर गैवीनाथ पहुंचकर चारोधाम का जल चढ़ाते है। पूर्वज बतातें है कि जितना चारोधाम में भगवान का दर्शन करने से पुण्य मिलता है। उससे कहीं ज्यादा गवौनाथ में जल चढ़ाने से मिलता है। लोग कहते है कि चारोधाम का अगर जल यहां नहीं चढ़ा तो चारोधाम की यात्रा अधूरी मानी जाती है।
विंध्य क्षेत्र में प्रचलित
मंदिर के पुजारी की मानें तो महाशिवरात्रि के दिन विंध्यभर से भक्त पहुंचते है। इसीतरह मनमास के माह में गैवीनाथ की पूजा का अपना एक महत्व है ही। वैसे तो हर सोमवार को हजारों भक्त पहुंचकर गैवीनाथ की पूजाकर मन्नत मांगते है। गैवीनाथ का प्रताप है कि यहां पर आने वाले हर एक भक्त की मनों कामना पूर्ण होती है।
भक्त मानते है शिव का उपलिंग
आकाल मृत्यु वो मरे, जो काम करे चंडाल का, काल भी उसका क्या करें, जो भक्त हो महाकाल का....। सतना जिले में ये बात बिरसिंहपुर के गैवीनाथ भगवान के लिए बोली जाती है। स्थानीय स्तर पर उनकी पहचान महाकाल के उपलिंग के रूप में होती है। बोला जाता है, जो व्यक्ति महाकाल के दर्शन करने उज्जैन नहीं जा सकता, वे बिरसिंहपुर के गैवीनाथ भगवान का दर्शन कर लें, पुण्य उतना ही मिलेगा।
ये है महाशिवरात्रि के SMS
1. Shiv ki shakti, shiv ki bhakti,
khushi ki bahar mile, shivratri ke pavan avsar par,
apko zindagi ki ek acchhi nai shuravat mile,
happy mahashivratri
2. Pi Ke Bhaang Jamaa Lo Rang;
Jindgi Bite Khushiyon Ke Sang;
Lekar Naam Shiv Bhole Ka;
Dil Men Bhar Lo Shivraatri Ki Umaang;
Shubh Maha Shivratri!
3. On this pious occasion of Mahashivratri,
many many greetings to all of you.
May Lord Shiva shower on you his blessings
with happiness, prosperity & peace.
Happy Maha Shivratri...........................mahashivratri sms in hindi
4. Shiv ka bani rahe aap per chaya
Palat de jo apki kismat ki kaya
Mile aapko wo sab is apni zindagi mein
Jo kabhi kisi ne bhi na paya
Happy Mahashivratri
5. Bhole baba ka aashirwad mile aapko
Unki dua ka parsad mile aapko
Aap kare apni zindagi mein itni tarakki
Har kisi ka pyar mile aapko
Jai Bhole Shiv Shankar Baba Ki
Happy Maha Shivratri..........................mahashivratri sms in hindi
Updated on:
07 Feb 2018 03:38 pm
Published on:
07 Feb 2018 03:25 pm
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