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कंपनी विशेष को लाभ पहुंचाने मैहर नगर परिषद ने फिक्स किया टेंडर

मल्टीनेशनल कंपनी ने लगाए गंभीर आरोप टेंडर निरस्त करने की मांग सीवीसी नियमों के विपरीत की गई टेंडर प्रक्रिया

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Maihar nagar parishad messed up loader tender

Maihar nagar parishad messed up loader tender

सतना. लॉक डाउन के दौरान मैहर नगर परिषद में गत सप्ताह जारी किया टेण्डर विवादों में घिर गया है। बैकहो लोडर के लिये बुलाए गए इस टेंडर में मल्टीनेशनल कंपनी ने गंभीर आपत्ति लगाई है। आरोप है कि किसी कंपनी और ब्राण्ड विशेष को ही ऑर्डर देने के लिये यह टेण्डर डिजाइन किया गया है। आरोप है कि इस टेण्डर से 7 से 8 लाख रुपये तक का अनैतिक लाभ लिया जा सकता है। शिकायतकर्ता कंपनी ने इस विवादित टेण्डर को निरस्त करने की मांग की है। उधर नगर परिषद अध्यक्ष ने यह स्वीकार किया है कि उन्होंने कंपनी विशेष के लिए ही यह टेण्डर तैयार किया है क्योंकि उन्हें वही लेना है।

कंपनी विशेष के लिये तैयार किया टेंडर

मिली जानकारी के अनुसार मैहर नगर परिषद ने 11 मई को बैकहो लोडर खरीदने के लिये एक टेंडर जेम पोर्टल पर डाला जिसकी समाप्ति तिथि 23मई तय की गई थी। लेकिन इस टेण्डर को लेकर अब विवाद की स्थिति बन गई है। टेण्डर को लेकर टाटा हिताची कंपनी ने गंभीर आरोप लगा दिए हैं। आरोप है कि एक विशेष कंपनी के विशेष मॉडल को केन्द्रित करते हुए टेण्डर तैयार किया गया है। जिससे अन्य कंपनियां इस निविदा में शामिल नहीं हो सकती है। इसमें जानबूझकर ऐसी श्रेणी शामिल की गई है जो स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रतिबंधित करती है। सामान्य भाषा में कहा गया जाए तो यह टेण्डर फिक्स करके निकाला गया है। अब कंपनी ने इस शासकीय नियमों के विपरीत बताते हुए टेण्डर निरस्त करने की मांग की है।

यह हैं आरोप

टाटा हिताची कंपनी का आरोप है जिस तरीके से टेंडर में शर्तें डाली गई हैं वे टेण्डर फिक्सिंग का सीधा-सीधा उदाहरण है। मसलन जो शर्तें वे कंपनी विशेष के विशेष मॉडल में ही मिल सकती हैं। मसलन आपरेटिंग वजन केवल 7510 किलो, ओवरऑल विड्थ केवल 2320 मिमी, ओवर ऑल व्हील बेस केवल 2171 मिमी, बैकहो बकेट डिगिंग डेप्थ केवल 4.77 मीटर, लोडर बकेट पे लोड केवल 1800 किलोग्राम शामिल है। बताया गया है कि यह पैरामीटर एक कंपनी विशेष में ही मिलेंगे, अन्य में नहीं।

खरीद प्रक्रिया का उल्लंघन

टाटा हिताची ने पैरामीटिर प्रतिबंध को अनुचित सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया बताते हुए इसमें भ्रष्ष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा है कि यह जेम टेंडरिंग प्रक्रिया की विशेषताओं और विकल्पों में सिर्फ हेरफेर नहीं बल्कि जेम नीति के विपरीत है। यह भी कहा है कि इससे नगर परिषद को बड़ी पूंजी का नुकसान भी होगा।

'' टेंडर गलत तरीके से तैयार किया गया है। कंपनी विशेष ही इसमें भाग ले सकती है और उसे फायदा पहुंचाया जा रहा है। इससे 7-8 लाख रुपये के लगभग का अन्तर आ सकता है। ''

- संतोष जेना, अधिकारी टाटा हिताची

'' हमें जेसीबी ही लेना था। इसके अलावा अन्य बैकहो लोडर नहीं लेना है। इसे परिषद ने भी पास किया है। इसलिये इस तरह से टेंडर तैयार किया गया है। जेसीबी पहले भी यूज किये हैं, इसका काम बढ़िया होता है। ''

- धर्मेश घई, नगर परिषद अध्यक्ष

'' परिषद ने जेसीबी थ्रीडीएक्स मॉडल खरीदी को पास किया है। लिहाजा उसी के लिये टेण्डर तैयार किया गया। ''

- अक्षत बुंदेला, सीएमओ मैहर