18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Satna: गौशाला बनाने जिले में बजट नहीं, मजदूरी पाने लोग हो रहे परेशान, काम की गति रुकी

एक करोड़ से ज्यादा का भुगतान लंबित सतना।

2 min read
Google source verification
No budget for cowshed in NREGS, people wandering for wages

No budget for cowshed in NREGS, people wandering for wages

सतना. प्रदेश सरकार के ध्वजवाही कार्यक्रम में शामिल गौशाला प्रोजेक्ट पर धन की कमी आड़े आने लगी है। मनरेगा मद से कराए जा रहे निर्माण में राशि नहीं होने से जहां मजदूरी और सामग्री का एक करोड़ से ज्यादा का भुगतान अटक गया है, वहीं मजदूरी न मिलने से मजदूरों ने भी काम करने से हाथ कर दिए हैं। मजदूरी न मिलने को लेकर नाराज मजदूर अब जनप्रतिनिधियों को भी घेरने लगे हैं। इन स्थितियों में गौशाला निर्माण का काम शुरुआती दौर में जिस गति से शुरू हुआ था उसकी गति अब काफी धीमी हो गई है। ऐसे में अधिकारियों के सामने समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने शासन को स्थिति से अवगत कराते हुए राशि की मांग की है।

12.48 करोड़ का व्यय आंकलित
सतना जिले को राज्य शासन ने 30 गौशालाओं का लक्ष्य दिया था। इसके विरुद्ध जिले में 46 के लगभग गौशालाओं के निर्माण को प्रशासकीय स्वीकृति दी जा चुकी है। इसमें से 37 में कार्य प्रगतिरत है तो 9 में जमीन और अन्य विवाद होने के कारण काम प्रारंभ नहीं हो सका है। बताया गया है कि स्वीकृत कुल गौशालाओं के निर्माण कार्य मनरेगा मद से कराए जाने हैं जिसके लिये सामग्री में 11.20 करोड़ तथा मजदूरी में 1.28 करोड़ रुपये कुल 12.48 करोड़ का व्यय होना आंकलित किया गया है। अभी तक जहां काम प्रारंभ है वहां मजदूरों को 9.46 लाख तथा सामग्री मद से 1.52 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

सितंबर से भुगतान पर रोक

सितंबर माह के अंतिम सप्ताह से गौशाला प्रोजेक्ट के लिए मनरेगा मद से राशि भुगतान पर अघोषित रोक लगी हुई है। 27 सितंबर से खाते में राशि का हस्तांतरण न होने से मजदूरों को 3.35 लाख रुपए की मजदूरी का भुगतान नहीं हो सका है। इसी तरह से सामग्री का लगभग एक करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान नहीं हो पा रहा है। ऐसी स्थिति में मजदूरों ने काम करने से हाथ खड़े करने शुरू कर दिए हैं।
समय पर नहीं पूरा हो सकेगा प्रोजेक्ट
जिस तरीके से निर्माण कार्य के लिए राशि का टोटा हो गया है उसको लेकर अब अधिकारी भी मानने लगे हैं कि समय पर गौशाला निर्माण का काम पूरा होना संभव नहीं है। उधर मजदूरी को लेकर दबाव भी बढ़ रहा है। लोग जनप्रतिनिधियों तक पहुंचने लगे हैं जहां से अलग से भुगतान के लिये अधिकारियों पर दबाव बन रहा है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने शासन को पत्र लिख कर जिले की वस्तु स्थिति से अवगत कराया है। साथ ही सामग्री मद सहित मजदूरी मद की 11 करोड़ के लगभग की राशि की मांग की है। जिससे लंबित भुगतान हो सकें और समय पर काम पूरा हो सके।