
सतना. कोटर थाना क्षेत्र के गोरइया गांव में रहने वाला एक ऑटो चालक की मौत का राज अब तक दफन है। छह महीने बाद भी पुलिस मौत के संबंध में कोई सुराग नहीं जुटा पाई है। जबकि प्राथमिक जांच में ही मामला हत्या से जुड़ा समझ आ गया था। गांव से लगी नदी किनारे बने खंडहर से २३ जुलाई की सुबह शव बरामद करने के बाद फॉरेंसिक अीम भी अपने तरीके से जांच में जुटी। लेकिन अब भी पुलिस की जांच वहीं पर थमी है जहां से शुरू की गई थी।
यह है मामला
गोरइया निवासी मो. जिलानी पुत्र मो. दाउद (20) ऑटो चलाता था। 19 जुलाई 2019 की दोपहर करीब एक बजे वह घर से निकला था। इसके बाद वापस नहीं लौटा। जिलानी के घर वालों ने भी उसके लापता होने की सूचना पुलिस को नहीं दी थी। जब मंगलवार 23 जुलाई की सुबह जिलानी की भाभी नित्यक्रिया के लिए नदी की ओर गई तो तेज गंध आने पर उसने अपने पति को बताया। इसके बाद जिलानी के भाई अपने बहनोई के साथ पोटा दास बाबा स्थान से लगे खंडहर में पहुंचे। जहां जिलानी का क्षत विक्षत शव पड़ा हुआ था।
जांच के लिए भेजा बिसरा
शव मिलने के बाद फॉरेंसिक टीम जांच करने पहुंची तो मृतक के शव के पास से ही रबड़ के दस्ताने, एक बनियान और मृतक के बाएं पैर के पास चप्पलें रखी मिली। इन सभी को साक्ष्य मानते हुए जब्त किया गया था। पोस्टमार्टम के बाद जब यहां डॉक्टरों ने मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं किया तो बिसरा जांच के लिए ग्वालियर भेजा गया। वहां से रिपोर्ट आई जिसमें जहरीले पदार्थ के सेवन मृत्यु होना नहीं पाया गया। इसके बाद मृत्यु का कारण जानने के लिए अब मेडिकोलीगल की मदद ली जा रही है।
शक की सुई आस पास
पुलिस टीम ने इस मामले से जुड़े कई तथ्यों पर जांच कराई। लेकिन एेसा कोई सुराग हाथ नहीं आया कि जिलानी की हत्या आखिर क्यों और कौन कर सकता है? एक बात यह अहम जरूर रही कि जब जिलानी के घर में शौच जाने की व्यवस्था थी तो परिवार के सदस्यों ने यह बात क्यों बताई कि वह शौच जाने के लिए बाहर निकला था? अब मेडिकोलीगल रिपोर्ट आने पर जब मौत का कारण स्पष्ट होगा तब पुलिस इस मामले में आगे कदम बढ़ाएगी। तब तक ऑटो चालक की रहस्यमयी मौत का मामला फाइलों में बंद रहेगा।
Published on:
3 Jan 2020, 11:36 AM IST
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