
Now up to 30 percent illegal constructions can be legal in urban areas
सतना. नगरीय क्षेत्रों में निवास करने वाले भवन स्वामियों के लिये अच्छी खबर है कि बिना अनुज्ञा के किये गए अवैध निर्माण को वैध करने के लिये प्रशमन शुल्क के लिये निर्माण एरिया का क्षेत्रफल शासन ने बढ़ा दिया है। अब 10 फीसदी की बजाय 30 फीसदी तक अवैध निर्माण का प्रशमन (कम्पाउङ्क्षडग) की जा सकेगी। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
यह है निर्देश
उप सचिव नगरीय विकास एवं आवास विभाग डॉ सुभाशीष बैनर्जी ने संबंधित नोटिफिकेश के संबंध में जारी निर्देश में बताया है कि 30 फीसदी तक अवैध आवासीय निर्माणों को वैध करवाने के एवज में 10 फीसदी तक कलेक्टर गाइडलाइन की दर से प्रशमन शुल्क वसूल किया जाएगा। इसी तरह से व्यावसायिक निर्माण होने पर प्रशमन शुल्क की यह राशि 12 फीसदी तक होगी। शासन के इस फैसले से अवैध निर्माण करने वाले भवन स्वामियों, बिल्डरों व कालोनाइजरों को राहत मिलेगी, जिन्हें अवैध निर्माणों के नोटिस लगातार थमाए जाते रहे हैं। निगम को भी इससे अतिरिक्त करोड़ों रुपए की आमदनी होगी। 20 फरवरी 2022 तक इसके लिए आवेदन करने वालों को 20फीसदी की छूट भी प्रदान की जाएगी।
आवासीय भवनों का इस तरह वसूला जाएगा प्रशमन
ऐसे भवन जो आवासीय, सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक या स्वास्थ्य के लिए उपयोग में हैं उनमें फ्लोर एरिया रेसियो तथा ग्राउण्ड कवरेज की अनुज्ञेय सीमा तक के उल्लंघन में किये गये निर्माण पर प्रशमन शुल्क अनुज्ञा शुल्क का 5 गुना लिया जाएगा। एफएआर तथा ग्राउण्ड कवरेज में एफएआर की अनुज्ञेय सीमा से 10 फीसदी अधिक अवैध निर्माण पर प्रशमन शुल्क कलेक्टर गाइड लाइन के अनुसार बिना अनुज्ञा निर्मित क्षेत्र के मूल्य का 5 फीसदी प्रशमन शुल्क लगेगा। अगर अनुज्ञेय सीमा से 10 से अधिक व 20 फीसदी तक अवैध निर्माण है तो बिना अनुज्ञा निर्मित इस क्षेत्र में कलेक्टर गाइड लाइन मूल्य का 7.50 फीसदी प्रशमन शुल्क लगेगा। अगर अवैध निर्माण 20 फीसदी से अधिक व 30 फीसदी से तक है तो कलेक्टर गाइड लाइन के अनुसार बिना अनुज्ञा निर्मित क्षेत्र के मूल्य का 10 फीसदी प्रशमन शुल्क लगेगा।
व्यावसायिक भवनों में यह होगा प्रशमन शुल्क
व्यावसायिक भवन, होटल, सिनेमा या मिश्रित भूमि उपयोग में किये गए अवैध निर्माण के मामले में फ्लोर एरिया रेसियो तथा ग्राउण्ड कवरेज की अनुज्ञेय सीमा तक के उल्लंघन में किये गये निर्माण पर प्रशमन शुल्क अनुज्ञा शुल्क का 6 गुना लिया जाएगा। एफएआर तथा ग्राउण्ड कवरेज में एफएआर की अनुज्ञेय सीमा से 10 फीसदी अधिक अवैध निर्माण पर प्रशमन शुल्क कलेक्टर गाइड लाइन के अनुसार बिना अनुज्ञा निर्मित क्षेत्र के मूल्य का 6 फीसदी प्रशमन शुल्क लगेगा। 10 से 20 फीसदी पर प्रशमन शुल्क 9 फीसदी तथा 20 से 30 फीसदी अवैध निर्माण पर कलेक्टर गाइड लाइन के अनुसार बिना अनुज्ञा निर्मित क्षेत्र के मूल्य का 12 फीसदी प्रशमन शुल्क लगेगा।
बिना अनुमति निर्माण
अगर बिना अनुमति सम्पूर्ण भवन का निर्माण कर लेने पर भवन अनुज्ञा शुल्क का 5 से 6 गुना तक अलग से वसूल किया किया जाएगा। अगर किसी आवासीय या व्यवसायिक भवन में 10 फीसदी से अधिक अवैध निर्माण किया गया है तो फिर अतिरिक्त अवैध निर्माण हटाने के बाद बचे 30 फीसदी हिस्से को ही वैध किया जा सकेगा।
यहां प्रशमन नहीं, होगी कार्रवाई
ऐसे भवनों के निर्माण पर प्रशमन नहीं किया जाएगा जो नियमित भवन की पंक्ति को प्रभावित करते हैं। ऐसा निर्माण जो वाहनों की पार्किंग के लिये चिन्हित किया गया है। ऐसा निर्माण जो सड़क की सीमाओं में या सार्वजनिक सड़क के संरेखण को प्रभावित करने वाले क्षेत्र में आता है। ऐसा निकाय जो जल निकाय के क्षेत्र में आता है। नदी के किनारे से 30 मीटर की दूरी पर किया गया अवैध निर्माण भी प्रशमन के दायरे में नहीं आएगा। नाले या जल प्रवाह के क्षेत्र में आने वाले निर्माण व अग्रि सुरक्षा को प्रभावित करने वाले निर्माण पर भी प्रशमन नहीं वसूला जाएगा बल्कि इन पर कार्यवाही की जाएगी।
Published on:
09 Sept 2021 01:11 am
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