
PS reprimanded EE after seeing the consultant giving a presentation
सतना। प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास विभाग मनीष सिंह ने सतना स्मार्ट सिटी के कामों की समीक्षा की। इसके पहले उन्होंने शहर में चल रहे एक-एक काम का मौका मुआयना भी किया। कुछ स्थानों में प्लानिंग को लेकर असंतोष जताया और कन्सल्टेंट एजेंसी पर नाराजगी जाहिर की। सीवरेज प्रोजेक्ट की समीक्षा के दौरान जब कन्सल्टेंट ने प्रजेन्टेशन देना शुरू किया इस पर वे नाराज हो गए। ईई को फटकार लगाई और कहा कि सब कुछ ठेके पर थोड़ी दे दिया है जो ये प्रजेन्टेशन देंगे और आप पीछे शांति से बैठेंगे। इस दौरान कलेक्टर अनुराग वर्मा, निगमायुक्त राजेश शाही और स्मार्ट सिटी का तकनीकि अमला मौजूद रहा।
निर्माणाधीन कामों का मौके पर लिया जायजा
पीएस सिंह ने शहर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत चल रहे कामों को मौके पर जाकर देखा। जब वे अमौधा तालाब पहुंचे तो उन्होंने देखा कि इस तालाब में कैचमेंट एरिया से पानी की आवक का कोई सिस्टम नहीं है। इस पर कन्सल्टेंट एजेंसी पर जमकर नाराज हुए। कहा, यह कौन सा तरीका है जो आपने पानी के इनलेट का कोई सिस्टम ही नहीं बनाया है। अगर ऐसे ही डिजाइन करनी होती तो फिर आपकी जरूरत ही क्या थी। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि सभी प्रोजेक्टों के लैण्डस्केप में ग्रीन एरिया ज्यादा रखे। ज्यादातर हिस्से को ग्रीन करने की कोशिश करो। पेवर ब्लाक सहित इस तरह के काम न्युनतम और अत्यावश्यक होने पर ही रखे। शासन स्तर से भी जल्द ही इस संबंध में निर्देश जारी करने की बात उन्होंने कही। उन्होंने इन्क्यूबेशन सेंटर, डालीबाबा रोड, पीएमजीएसवाई रोड, लेक नेक्टर, मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, पीएम आवास, सब्जी मंडी आदि का मौका मुआयना किया। डालीबाबा रोड का अतिक्रमण हटाने को लेकर उन्होंने संतोष जताया। शहर में तालाबों के प्रोजेक्ट को लेकर कहा कि बढ़िया काम हो रहा है। यहां झीलों के शहर भोपाल से अच्छा काम कर रहे हो।
लेक नेक्टर और पार्क पर भी असंतोष
लेक नेक्टर के निरीक्षण में पीएस ने कहा कि यहां भले ही नहर से पानी ले रहे हैं इसके साथ ही बारिश के पानी को एकत्र कर यहां डालने का प्रॉवीजन करें भले ही इसके लिये छोटा एसपीजी (जल शोधन संयंत्र) लगाना पड़े। यह भी कहा कि इसके संचालन के लिये पूरी गंभीरता से टेंडर तैयार किया जाए। ताकि टेंडर पान वाला एजेंसी इसका सही तरीके से लंबे समय तक संचालन कर सके। डिग्री कॉलेज के पार्क पर बैठने के स्थल तक जाने के लिए एप्रोच नहीं होने पर कन्सल्टेंट को फिर से डिजाइन के मामले में फटकार लगाई।
सीवरेज पर दिखे सख्त
सीवरेज के काम पर जब कन्सल्टेंट प्रजेटेंशन देने खड़े हुए तो पूछा कि आप कौन हो। उनका परिचय जानने के बाद ईई के संबंध में पूछा। जिस पर ईई नागेन्द्र सिंह ने परिचय दिया। तब पीएस ने कहा कि प्रोजेक्ट को आपको लीड करना है न की इन्हें। सब कुछ ठेके में नहीं दे दिया है कि शांति से आप पीछे बैठें। इसके बाद उन्होंने कलेक्टर और निगमायुक्त को निर्देश दिए कि एक टारगेट तय करके नियमित समीक्षा करें कि उतना काम हो रहा है या नहीं।
फीट और मीटर में उलझ गए ईई
सीवर प्रोजेक्ट की समीक्षा में पीएस ने पाया कि जोन वन व टू में एक दो स्थानों पर गहराई काफी है। इस पर उन्होंने कहा कि जहां 25-30 फीट गहराई है वहां पर पंपिंग स्टेशन बनाओ। क्योंकि काम होने के बाद यहां इस गहराई पर मेंटीनेंस करना मुश्किल होगा। तभी ईई ने कहा कि गहराई 7-8 मीटर ही है सर। यह सुन पीएस ने चुटकी ले ली और कहा क 7-8 मीटर मतलब 25 फीट ही लगभग होता है। इसके बाद कहा कि सीवर लाइन प्राथमिकता में रखो। इससे पूरा शहर प्रभावित है। इस दौरान भरहुत नगर तिराहे में बनाए जाने वाले फुट ओवर ब्रिज की समीक्षा करने को कहा।
Published on:
23 Sept 2022 11:07 am
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