
जिस तरह हिंदी पढ़ने के लिए क, ख, ग, घ और इंग्लिश सीखने के लिए ए, बी, सी, डी जरूरी है, उसी तरह केमिस्ट्री की पढ़ाई के लिए तत्वों का ज्ञान होना बहुत आवश्यक है। जिन्हें आवर्त सारणी (पीरियोडिक टेबल) में एक साथ रखा जाता है। केमिस्ट्री के सिम्पलीफिकेशन के 118 तत्व पढ़ाना शिक्षकों के लिए चुनौती होता है। साथ ही बच्चे भी नहीं रट पाते हैं। याद हो जाए, तो कुछ दिन बाद भूलने भी लगते हैं। लेकिन मोबाइल फ्रेंडली बच्चे आर्टिकल से चैप्टर को याद रख सकते हैं। इसी उद्देश्य को पूर्ण करने के लिए शासकीय उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय व्यंकट क्रमांक-1 के शिक्षक ने छात्रों के सहयोग से नवाचार किया है। क्यूआर कोड के माध्यम से पढ़ाई में नवाचार किया है।
कई महीने तक शिक्षक-छात्र ने की मेहनत
प्राचार्य सुशील श्रीवास्तव ने बताया कि केमिस्ट्री के व्याख्याता डॉ. रामानुज पाठक के मार्गदर्शन में 11वीं के छात्र चाहत मिश्रा ने क्यूआर कोड तैयार किया है। उन्होंने कई महीने की मेहनत से सिम्पलीफिकेशन के 118 तत्वों का क्यूआर कोड बनाया है। उनके मैटर एम्बेड किए हैं। नवाचार के बाद रसायन विज्ञान की पढ़ाई करने वाले छात्र मोबाइल खोल कर संबंधित क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे, जिसके बाद डिस्क्रिप्शन निकलेगा।
क्या है आवर्त सारणी
डॉ. रामानुज पाठक ने कहा कि तत्वों को गुणों के आधार पर क्षैतिज (वर्ग), उर्द्धवाधर (आवर्त) पंक्तियों में प्रतीक और परमाणु क्रमांक के आधार पर व्यवस्थित किया गया है। क्यूआर कोड से उतनी ही जगह में स्कैनर से स्कैन कर तत्त्व के विषय में संपूर्ण जानकारी मिल जाएगी। 118 तत्वों का क्यूआर कोड जेनरेट करना सुखद अनुभव है। कॉपीराइट का इशू न हो तो छात्र ने खुद डिस्क्रिप्शन लिखा है। तब कहीं जाकर क्यूआर कोड सफल हुआ है।
Updated on:
27 Dec 2023 02:22 pm
Published on:
27 Dec 2023 02:19 pm
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