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satna: रेल लाइन भू-अर्जन मामले में अब रेलवे किसी को नहीं देगा नौकरी

संभागायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में एडीआरएम ने दी जानकारी

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satna: रेल लाइन भू-अर्जन मामले में अब रेलवे किसी को नहीं देगा नौकरी

Rail line land acquisition: Now railway will not give job to anyone

सतना। प्रधानमंत्री की प्रगति समीक्षा बैठक के बाद ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन के लंबित भू-अर्जन मामलों सहित सतना-रीवा दोहरीकरण के मामलों में लगातार आ रहे व्यवधान को लेकर संभागायुक्त की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली के कलेक्टर सहित रेलवे के एडीआरएम व संबंधित जिलों के भू-अर्जन से संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। इस बैठक में एडीआरएम ने रेलवे का पक्ष स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी भी मामले में रेलवे नौकरी नहीं देगा। इसके एवज में अन्य प्रावधानों पर विचार करने का निर्णय लिया गया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि काफी समय से विलंबित हो रहे राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट पर अब काम प्रारंभ किया जाना है।

11/11/2019 के पहले वालों को भी नौकरी नहीं

जानकारी के अनुसार भारत सरकार रेल मंत्रालय के महाप्रबंधक सुधीर कुमार गुप्ता ने रेलवे लाइन निर्माण कार्य में आ रहे व्यवधान को लेकर मुख्य सचिव मध्यप्रदेश को पत्र लिख कर बताया है कि इस वजह से काम बुरी तरह से प्रभावित चल रहा है। साथ ही रेलवे ने नौकरी देने के प्रावधान को वापस ले लिया है। इसके एवज में एकमुश्त राशि भुगतान की बात कही गई है। इन सबको देखते हुए संभागायुक्त रीवा अनिल सुचारी ने सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली कलेक्टरों सहित रेलवे के एडीआरएम की बैठक बुलाई। इस दौरान संभागायुक्त ने कहा कि इधर रेलवे लाइन को लेकर लोग आंदोलित होते रहते हैं और रेलवे अपना स्पष्ट पक्ष नहीं रखता है। चीजें स्पष्ट की जाएं। इस पर एडीआरएम ने कहा कि रेलवे अब किसी को भी नौकरी देने की स्थिति में नहीं है। यहां तक की 11-11-19 के पहले के लोगों को भी नौकरी नहीं दी जा सकती है।

एक मुश्त भुगतान की व्यवस्था

एडीआरएम ने बताया कि नौकरी के एवज में तय प्रावधान अनुसार एक मुश्त मुआवजा की राशि देने पर विचार किया जा सकता है। लेकिन इस पर निर्णय कलेक्टर को करना है। तब कलेक्टरों की ओर से सवाल किया गया कि एक मुश्त राशि का जो प्रावधान है अगर मूल मुआवजा इससे काफी कम हुआ तो इस पर क्या निर्णय होगा। इस पर एडीआरएम कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इतना ही कहा कि यह कलेक्टर का निर्णय है। लिहाजा एक मुश्त राशि पर बिना ठोस निर्णय के साथ यह बैठक खत्म हो गई। लेकिन इसमें यह तो स्पष्ट हो गया है कि रेलवे अब किसी भी प्रकार की नौकरी नहीं देेगा और काम उसे प्रारंभ करवाना है।

रेलवे देगा सूची

इस बैठक में एडीआरएम ने कहा कि वे प्रशासन को अपने यहां मौजूद जानकारी के अनुसार यह सूची उपलब्ध करवा देंगे कि कितने लोगों को नौकरी दी जा चुकी है और कितने शेष हैं जिन्हें अब नौकरी नहीं दी जा सकती है। इसके बाद प्रशासन एक मुश्त राशि के संबंध में निर्णय लेगा। यह राशि 5 लाख रुपये से अधिक नहीं होगी।