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सतना : जिला अस्पताल में तीन ऑक्सीजन प्लांट फिर भी खरीद रहे ऑक्सीजन

संस्था को भुगतान के लिए मांगा बजट तो हुआ खुलासा

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सतना : जिला अस्पताल में तीन ऑक्सीजन प्लांट फिर भी खरीद रहे ऑक्सीजन

सतना : जिला अस्पताल में तीन ऑक्सीजन प्लांट फिर भी खरीद रहे ऑक्सीजन,सतना : जिला अस्पताल में तीन ऑक्सीजन प्लांट फिर भी खरीद रहे ऑक्सीजन,सतना : जिला अस्पताल में तीन ऑक्सीजन प्लांट फिर भी खरीद रहे ऑक्सीजन

सतना। जिला अस्पताल से चौंकाने वाली खबर आई है कि यहां तीन आक्सीजन उत्पादन प्लांट होने के बाद भी बाहर से ऑक्सीजन खरीदी जा रही है। इतना ही नहीं अकेले तीन महीने में 3 लाख रुपए से ज्यादा की आक्सीजन खरीद ली गई वह भी सिर्फ दो वार्डों के लिए। मामला तब सामने आया जब संबंधित संस्था के गलत खाता नंबर के कारण लैप्स हुई राशि के लिए दोबारा बजट की मांग की गई।

जनवरी 2022 से स्थापित हैं प्लांट

जनवरी 2022 के दूसरे सप्ताह कलेक्टर द्वारा की गई समीक्षा में जिला अस्पताल प्रबंधन ने आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार किया था कि अस्पताल में तीन आक्सीजन प्लांट शुरू कर दिए गए हैं। दो प्लांट 2 हजार लीटर प्रति मिनट क्षमता के हैं व एक प्लांट 500 लीटर प्रति मिनट क्षमता का अलग है। इस दौरान मीडिया को भी बताया गया था कि यहां ऐसी व्यवस्था है कि इन प्लांट से हम ऑक्सीजन सिलेण्डर भी भर सकेंगे। अर्थात जिन वार्डों में आक्सीजन पाइप लाइन नहीं होगी वहां भी हमें आसानी से ऑक्सीजन सिलेण्डर मिल जाएंगे। इतना ही नहीं बाहर से सिलेण्डर खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी। लेकिन इन सब से इतर एक पत्र जो उप संचालक (शिशु स्वास्थ्य) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल को भेजा है उसने यहां बड़े गड़बड़झाले की ओर इशारा किया है। इस पत्र में आक्सीजन मद के देयकों के भुगतान के लिए राशि आवंटन की मांग की गई है।

फरवरी से अप्रेल के भुगतान का बिल

जनवरी 2022 में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हो जाने के बाद भी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक ने फरवरी से अप्रेल 2022 तक आक्सीजन सप्लाई का 3,18,776 रुपए का बिल भुगतान करने बजट आवंटन मांगा है। इसमें बताया है कि ई-वित्त में बजट का आवंटन पूर्व में किया गया था। लेकिन संजीवनी एयर प्रोडक्ट जबलपुर के देयकों का खाता नंबर अमान्य होने के कारण भुगतान नहीं हो सका और राशि लैप्स हो गई। इसलिए लंबित भुगतान करने बजट आवंटन चाहा गया है।

छोटे सिलेण्डरों के लिए भी मांगी राशि

सिविल सर्जन कार्यालय ने उप संचालक को बताया है कि एसएनसीयू और पीआईसीयू से रेफर होने वाले बच्चों पर बी-टाइप छोटे आक्सीजन सिलेण्डर का उपयोग किया जाता है। जिसके लिए आक्सीजन मद में प्रतिमाह 5 हजार रुपए की दर से पृथक से राशि आवंटित करने मांग की गई है।

'' जिला अस्पताल में तीन आक्सीजन प्लांट होने के बाद ऑक्सीजन सिलेण्डर की खरीदी होना नियम विरुद्ध है। इस संबंध में सिविल सर्जन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जाएगा। साथ ही प्लांट लगने के बाद से अब तक की गई आक्सीजन सिलेण्डर खरीदी की जानकारी भी तलब की जाएगी ''- डॉ एलके तिवारी, सीएमएचओ