
satna bus stand which becomes a pond
सतना. विगत दो दशक से हल्की बारिश में भी बस स्टैण्ड का जल भराव बड़ी समस्या बना हुआ है और यह ऐसी समस्या है जिसका हल आज तक नहीं निकाला जा सका है। जितनी भी बार जल निकासी के प्रयास किए गए वे अस्थाई और गैर इंजीनियरिंग कौशल के रहे। नतीजा यह होता है कि यहां घुटनों तक पानी भर जाता है। दरअसल स्थिति यह है कि यहां अभी तक जल निकासी के जो भी प्लान तैयार किए गए हैं वे मूल रूप से बस स्टैण्ड के हिस्से के जल निकासी के अनुरूप है। जबकि यहां जल भराव से बचने सिंधी कैम्प एरिया से नवरंग पार्क होकर आने वाले पानी का डायवर्सन और इसकी निकासी का प्लान जब तक नहीं बनेगा तब तक बस स्टैण्ड का जल भराव समाप्त नहीं होगा।
इंजीनियर और स्थानीय निवासी छवि त्रिपाठी बताते हैं कि उन्होंने बस स्टैण्ड के जल भराव की स्थितियों का विस्तृत अध्ययन किया है। जिसके अनुसार बस स्टैण्ड में जो पानी जमा होता है वह इसके आसपास बारिश से इक्कठा होने वाला पानी नहीं है। दरअसल बस स्टैण्ड लो लाइन एरिया है। टोपो शीट को देखा जाए तो यहां सिंधी कैम्प तालाब और इसके आस पास के इलाके से बारिश का पानी इक्कठा होकर नवरंग पार्क पहुंचता है। यहां पुलिया से होकर यह पानी बैंक कालोनी की ओर पहुंचता है।
बैंक कॉलोनी के पास प्लानिंग की जरूरत
छवि बताते हैं कि सिंधी कैम्प का जो पानी बैंक कालोनी की ओर आता है उसे सीधे भरहुत नगर की ओर नाली से चले जाना चाहिए। लेकिन यहां पर बनाई गई पुलिया को जाम कर दिया गया है और आगे की नाली का लेबल नवरंग पार्क से आने वाली नाली के लेबल से ऊंचा कर दिया गया है। लिहाजा यह नाली अनुपयोगी हो गई है और नवरंग पार्क का पानी भरहुत नगर की ओर न जाकर बस स्टैण्ड की ओर जाने वाली नाली में मिल जाता है और सिंधी कैम्प एरिया से आने वाला पूरा पानी बस स्टैण्ड में भर जाता है।
कोलगवां का पानी भी बस स्टैण्ड में
छवि ने बताया कि इसी तरह से कोलगवां एरिया का जो पानी है वह भी इसी नाली में आता है। यहां भी कोलगवां छोर की नाली को भरहुत छोर की नाली से जोडऩे जो पुलिया बनाई गई है उसे बंद कर दिया गया है। लिहाजा यह पानी जो भरहुत नगर की ओर से होकर बड़े नाले में मिलना चाहिए उधर नहीं जाकर बस स्टैण्ड में पहुंच जाता है। इसके अलावा भरहुत छोर की नाली ही खत्म कर दी गई है।
शापिंग काम्पलेक्स की जल निकासी बंद
इसी तरह से बस स्टैण्ड के पश्चिमी छोर में बने शापिंग काम्प्लेक्स की जल निकासी का उत्तरी हिस्सा जो फायर स्टेशन के वक्त नाली के रूप में था उसे भी खत्म कर दिया गया है। जिससे ऊपर से आने वाला पानी क्राइस्ट ज्योति की ओर न जाकर सामने से निकलता है और उसे पर्याप्त फ्लो नहीं मिल पाता है।
खत्म कर दिए दो पुल
छवि ने बताया कि जब तक फ्लाई ओवर नहीं बना था तब तक हाइवे के उत्तरी नाले के ओवर फ्लो को खत्म करने के लिये दो पुल बनाए गए थे जो दक्षिणी ड्रेन से जोड़ते थे। इसमें एक पुल चौरसिया पेट्रोल पंप के सामने और दूसरा होटल पार्क के पास सिंधु स्कूल के सामने था। लेकिन फ्लाई ओवर बनाने वाली ठेका कंपनी ने इन पुलियों को बिना हाइवे प्रबंधन की अनुमति और निगम प्रशासन की जानकारी के बिना खत्म कर दिया। ऐसे में एक बड़े कैचमेंट का पानी लेकर बहने वाला हाइवे का उत्तरी नाला ओवर फ्लो होगा। जबकि दक्षिणी नाला सूखा ही रहेगा।
निगमायुक्त ने गठित की टीम
इस मामले में निगमायुक्त संदीप जीआर ने बताया कि बस स्टैण्ड की जल भराव समस्या को लेकर टीम गठित की है। जिसमें ईई नागेन्द्र सिंह और सब इंजीनियर रोजल शामिल है। इनके द्वारा इसका विस्तृत सर्वे कर प्लान तैयार किया जाएगा। एक प्लान तात्कालिक निराकरण का होगा। दूसरा दीर्घकालिक होगा। इसके अनुसार काम प्रारंभ किया जाएगा। तात्कालिक के तहत यहां जल निकासी की हालिया व्यवस्था में मौजूद नालियों की सफाई प्रारंभ करवाई जा रही है।
यातायात पुलिस को लिखा पत्र
निगमायुक्त ने बताया कि अभी बस स्टैण्ड की जो व्यवस्था है उसमें कोई भी व्यक्ति बहुत मजबूरी में यहां रुकता है। इसके अलावा यातायात व्यवस्था भी यहां धराशायी है। इसके लिये यातायात पुलिस को भी पत्र लिखा गया है। उन्हें यहां की व्यवस्था बनाने कहा गया है।
Published on:
09 May 2019 10:34 pm
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