
'द कश्मीर फाइल्स' की पायरेटेड फिल्म एलईडी स्क्रीन में दिखवाते मंत्री रामखेलावन
सतना. प्रदेश के राज्य मंत्री रामखेलावन पटेल फिल्म पायरेसी के मामले में उलझ गये हैं। कश्मीरी पंडितों के पलायन पर आधारित बहुचर्चित 'द कश्मीर फाइल्स' की पायरेटेड फिल्म का उन्होंने सार्वजनिक प्रदर्शन करवाया है। जबकि कॉपीराइट एक्ट के तहत पायरेटेड फिल्म का प्रदर्शन करना और देखना दोनों अपराध की श्रेणी में आता है। अमरपाटन के राजा मैरिज गार्डन में एलईडी के माध्यम से इस फिल्म का प्रदर्शन कराया गया है। कॉपीराइट एक्ट के उल्लंघन का मामला सामने आने के बाद अब सभी संबंधितों ने चुप्पी साध ली है। वहीं एसपी ने कहा है कि अगर शिकायत आती है तो इसे दिखवाया जाएगा।
गृह क्षेत्र में फिल्म दिखाने का जुनून
इन दिनों भाजपा से जुड़े नेताओं और जनप्रतिनिधियों में 'द कश्मीर फाइल्स' फिल्म दिखवाने की होड़ लगी हुई है। सतना में भी भाजपा से जुड़े लोग बड़े पैमाने पर थियेटर बुक करवा कर अपने लोगों को फिल्म दिखवा रहे हैं। लेकिन राज्यमंत्री रामखेलावन पटेल ने थियेटर में इस फिल्म को न दिखवा कर अपने गृह क्षेत्र अमरपाटन में 'द कश्मीर फाइल्स' फिल्म के पायरेटेड वर्जन का एलईडी स्क्रीन में सार्वजनिक प्रदर्शन करवाया। जो कि न केवल गैरकानूनी है बल्कि कॉपी राइट एक्ट का उल्लंघन है।
डायरेक्टर बता चुके हैं गेैरकानूनी
राज्य मंत्री पायरेटेड फिल्म का सार्वजनिक प्रदर्शन उस स्थिति में करवाया है जब इस फिल्म के डायरेक्टर ने इस गतिविधि को गैरकानूनी बताते हुए पायरेटेड फिल्म का प्रदर्शन न करने की अपील की है। हरियाणा में इस तरह के मामले सामने आने के बाद उन्होंने यह अपील की थी।
अभी सिर्फ थियेटर में रिलीज
आई म्युजिका थियेटर के संचालक ने बताया कि वितरण ने अभी 'द कश्मीर फाइल्स' फिल्म को सिर्फ थियेटर में रिलीज किया है। न तो इसे अभी ओटीटी में रिलीज किया गया है और न ही सेटेलाइट के लिये। इस तरह फिल्म का प्रदर्शन कानून के विरुद्ध है। इससे न केवल फिल्म मेकर व वितरक को नुकसान होता है बल्कि थियेटर संचालकों को भी प्रभाव पड़ता है।
युवाओं से सीख लें मंत्री
उधर इस मामले में युकां सतना की ओर से कहा गया है कि मंत्री को अपनी ही पार्टी के युवाओं से सीख लेनी चाहिए. यहां भाजयुमो के पूर्व अध्यक्ष रत्नाकर चतुर्वेदी लगातार थियेटर बुक करवा कर फिल्म लोगों को दिखा रहे हैं और मंत्री हैं तो पायरेटेड फिल्म दिखाने में जुटे हुए हैं। ये सत्ता का मद है।
आतंकी गतिविधियों में जाता है इसका पैसा
फिल्म पायरेसी को भारत में सबसे बड़ा गैरकानूनी उद्योग बताया गया है। दिल्ली पुलिस के पूर्व विशेष आयुक्त दीपचंद ने इस मामले में कहा था कि इसके जरिये सबसे ज्यादा मुनाफा कमाया जाता है और उसे संगठित अपराध के जरिये श्रृंखलाबद्ध किया जाता है। इस उद्योग की कमाई का ज्यादातर हिस्सा आतंकवादी गतिविधियों को धन उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है।
Published on:
23 Mar 2022, 9:44 AM IST
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