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SATNA: कैदी की आईसीएमआर जांच में कोरोना संक्रमण के लक्षण, आज दोबारा होगी जांच

अंतिम नतीजा आने तक आईसोलेशन में रखने की सलाह इंदौर से सतना केन्द्रीय जेल भेजे गए थे पत्थरबाज कैदी कलेक्टर इंदौर का फैसला सतना जिले को पड़ा भारी

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SATNA: Symptoms of corona in prisoner's ICMR examination

SATNA: Symptoms of corona in prisoner's ICMR examination

सतना। इंदौर से सतना केन्द्रीय जेल भेजे गए कैदी के सैम्पल की पहली जांच के परिणाम सतना जिले के लिये काफी निराशाजनक है। आईसीएमआर लैब जबलपुर की टेस्ट रिपोर्ट कोरोना संक्रमण जैसे लक्षण पाये गए हैं। लिहाजा इसे दोबारा परीक्षण के लिये लिया गया। ऐसी स्थिति में परीक्षण रिपोर्ट आने तक आईसीएमआर ने जिला प्रशासन को संबंधित कैदियों को आइसोलेशन में रखने कहा गया है।

देर रात सतना पहुंची रिपोर्ट ने उड़ाए होश

जानकारी के अनुसार इंदौर से सतना भेजे गए कैदियों की कोरोना जांच के लिये सैम्पल विगत दिवस आईसीएमआर लैब जबलपुर भेजे गए थे। रात को इनकी रिपोर्ट सतना पहुंची है। समीर और इमरान खान नामक व्यक्तियों के रिजल्ट में जांच अन्डर प्रोसेस बताते हुए मरीज को अगली रिपोर्ट आने तक आईसोलेशन में रखने कहा गया है। आईसीएमआर सूत्रों के अनुसार इनकी पहली जांच रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण के लक्षण पाए गए हैं जो कोरोना पॉजीटिव होने के संकेत हैं। लिहाजा प्रोटोकॉल के अनुसार इनके सैम्पल का दोबारा परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट जैसी आएगी उसके अनुसार मरीज को कोरोना पॉजीटिव या निगेटिव घोषित किया जाएगा। कुल मिलाकर सतना के भाग्य का फैसला रविवार को हो जाएगा कि सतना कोरोना मुक्त रहता है या नहीं। इस मामले में कलेक्टर अजय कटेसरिया से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी रिजल्ट स्पष्ष्ट नहीं है लिहाजा कुछ कहा नहीं जा सकता है। अभी आईसीएमआर ने संबंधितों को आईसोलेशन की सलाह दी है। हालांकि हम पहले से इन्हें आईसोलेट किये हुए हैं।

10 जेल स्टाफ जीएनएम हॉस्टल में किए गए क्वारंटाइन

इंदौर में कोरोना स्क्रीनिंग के लिये गए चिकित्सा अमले और पुलिस दल पर पत्थरबाजी करने वाले लोगों पर इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने रासुका लगाते हुए सतना और जबलपुर सेन्ट्रल जेल भेज दिया। अब उनका यही आदेश दोनों जिलों को भारी पड़ रहा है। इन कैदियों में से एक जावेद जिसे जबलपुर सेन्ट्रल जेल भेजा गया था उसे कोरोना संक्रमित पाया गया है। जैसे ही यह जानकारी सामने आई है दोनों जिलों में हड़कम्प मच गया है और आनन-फानन में उन सभी लोगों की पहचान की गई जो इनके संपर्क में आए थे। छानबीन में सतना सेन्ट्रल जेल के 10 स्टाफ कोरोना पॉजीटिव मिले कैदी जावेद के साथ आए कैदी के संपर्क में आना पाये गए, जिस पर उन्हें जीएनएम हास्टल में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर में दाखिल करा दिया गया है। इसी तरह कैदियों को छोड़ कर जाने वाले स्टाफ के संपर्क में आने वाला नागौद का एक चाय गुमटी संचालक सहित नागौद थाने का मुंशी में क्वारंटाइन किया गया है।

कलेक्टर इंदौर का था फैसला

पत्थरबाजी मामले में सात लोगों को इंदौर कलेक्टर ने रासुका लगाते हुए सतना और जबलपुर सेन्ट्रल जेल भेजने के आदेश जारी किए थे। इसके बाद जेल वाहन से एक सब इंस्पेक्टर की अभिरक्षा में इन कैदियों में से कुछ को जबलपुर सेन्ट्रल जेल और चार को सतना सेन्ट्रल जेल छोड़ा गया। तय प्रोटोकॉल के आधार पर इंदौर से आए इन कैदियों का कोविड-19 परीक्षण कराया गया। जिसमें से जबलपुर वाले कैदियों की रिपोर्ट शनिवार की सुबह आ गई। जिसमें से एक कैदी जावेद कोरोना पॉजीटिव पाया गया।

मच गया हड़कम्प

जैसे ही जबलपुर में एक कैदी कोरोना संक्रमित पाया गया आनन फानन में इसकी सूचना सतना जिला प्रशासन को दी गई। क्योंकि इन कैदियों के साथ इंदौर से कैदी सतना सेन्ट्रल जेल में भी आए थे। सूचना मिलते ही यहां हड़कम्प की स्थिति बन गई। कलेक्टर ने तत्काल एसडीएम के नेतृत्व में एक टीम गठित कर सेन्ट्रल जेल भेजा। यहां यह जांच की गई कि इंदौर से आए कैदी के संपर्क में कौन-कौन रहा।

10 लोगों का संपर्क होना पाया गया

एसडीएम पीएस त्रिपाठी, एडिशनल एसपी गौतम सोलंकी, तहसीलदार मानवेन्द्र सिंह सहित कोलगवां थाना स्टाफ ने जेल पहुंच कर जांच की तो पाया कि इन कैदियों में से दो की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। दो की रिपोर्ट आनी बाकी है। फिर भी प्रोटोकॉल के अनुसार परीक्षण में पाया गया कि 10 की संख्या में जेल स्टाफ इनके संपर्क में रहा। इन सभी को कलेक्ट्रेट भवन के बगल में स्थित जीएनएम हास्टल में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर में दाखिल कराया गया है। इनकी जांच और स्वाब सैम्पलिंग की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

नागौद में भी दो लोग क्वारंटाइन

कैदियों को छोड़ कर वापस लौटने वाले सब इंस्पेक्टर से बात की गई तो उसने बताया कि वे लोग नागौद स्थित सिंहपुर चौराहे में एक चाय गुमटी वाले के यहां चाय पिये थे। उस दौरान नागौद थाने का एक मुंशी भी आ गया था। लिहाजा इन दोनों को शिनाख्त करने के बाद चाय गुमटी वाले को नागौद स्थित आइसोलेशन सेंटर में रखा गया है तो मुंशी को घर में अकेले रहने के कारण 6 दिन के लिये होम क्वारंटाइन कर दिया गया है। 6 दिन बाद इन सभी का फालोअप सैम्पल लिया जाएगा।

बड़ी चूकः किसी को नहीं दी गई सूचना

इस पूरे मामले में एक बड़ी तकनीकि चूक सामने आई है। इंदौर कलेक्टर ने कैदियों को सतना सेन्ट्रल जेल भेजने की सूचना किसी भी अधिकारी को नहीं दी। इस आदेश की जानकारी कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, संभागायुक्त सहित पीएस होम को नहीं दी गई, जबकि नियमानुसार इन सभी को सूचित करना होता है। कलेक्टर को तब पता चला जब ये कैदी सतना केन्द्रीय जेल पहुंच गए। हालांकि शनिवार की घटना के बाद कलेक्टर न इस आशय के सख्त आदेश केन्द्रीय जेल सतना प्रबंधन को दे दिये हैं कि बिना उनकी अनुमति के अन्य जिलों से आने वाले ऐसे किसी कैदी को दाखिल नहीं किया जाए।

जेल को किया सेनेटाइज, अलग रखे गए हैं कैदी

केन्द्रीय जेल अधीक्षक नरेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया, इंदौर से सतना भेजे गए कैदियों को अलग सेल में अलग-अलग कक्ष में रखा गया है। उनके बर्तन कपड़े अलग हैं। जेल को पूरी तरह से सेनेटाइज कर दिया गया है। दो कैदियों की कोरोना रिपोर्ट आना बाकी है। जेल प्रबंधन पूरे एहतियात बरत रहा है। जेल के 10 स्टाफ को जिला प्रशासन ने क्वारंटाइन कर दिया है। केन्द्रीय जेल के मुख्य द्वार पर सेनेटाइजर शॉवर लगाने के लिए आर्डर दिया गया है। इसके साथ ही बंदियों और जेल स्टॉफ के लिए सेनेटाइजर, साबुन व मास्क मंगाने की प्रक्रिया चल रही है। निगम की ओर से सेनेटाइजर की तात्कालिक व्यवस्था कर दी गई है।

जेलर को लगाई फटकार

इस मामले में कलेक्टर ने जेलर को तलब कर फटकार लगाई। इतने संवेदनशील मामले में जेलर मौके पर नहीं थे। साथ ही कोरोना लॉक डाउन प्रोटोकॉल के अनुसार न्युनतम स्टाफ से काम लेना था लेकिन इन्होंने पूरा संख्या बल लगा रखा था। लिहाजा सभी को आइसोलेट करना पड़ा साथ ही अब उनके परिवारों को भी होम क्वारंटाइन किया जा रहा है। इस लापरवाही पर कलेक्टर ने चेताया कि गंभीरता से काम करें।

सीएस को कराया अवगत

इंदौर जेल से सतना केन्द्रीय जेल भेजे जाने के मामले से जिपं सीईओ और इंसीडेंट कमांडर ऋजु बाफना ने सीएस इकबाल सिंह वैंस को इस संबंध में अवगत करा दिया है। जहां से आश्वस्त किया गया है कि आगे से अब इंदौर से कैदी यहां नहीं भेजे जाएंगे।

" जबलपुर जेल में इंदौर के कैदी के कोरोना पॉजीटिव पाए जाने के बाद उसके साथ आए कैदी को सतना सेन्ट्रल जेल में अलग रखा गया है। उनके संपर्क में आए सभी लोगों को क्वारंटाइन कर दिया गया है। साथ ही उच्च स्तर पर अवगत करा दिया गया है कि इस तरह के मामले सतना केन्द्रीय जेल में न भेजे जाएं। प्रोटोकॉल के अनुसार सभी सुरक्षात्मक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। "

- अजय कटेसरिया, कलेक्टर