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satna: धर्मनगरी में मताधिकार से वंचित कर दिए गए मतदाता

बीएलओ ने चित्रकूट नगर परिषद के 22 लोगों को मताधिकार से करवा दिया वंचित सिंगल नामों को भी लिख दिया रिपीट और कट गये नाम एक ही वार्ड के हैं सभी मतदाता
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सतना

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Ramashankar Sharma

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Updated: 21 Jun 2022, 11:14 AM IST

satna: धर्मनगरी में मताधिकार से वंचित कर दिए गए मतदाता

satna: Voters were denied voting rights in Dharmanagari

सतना. अब जबकि नगरीय निकाय चुनाव अपने चरम पर हैं और प्रचार अभियान भी जोर पकड़ रहा है, इस बीच एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें चित्रकूट नगर परिषद दो दर्जन के लगभग मतदाताओं को पूरी पात्रता के बाद भी मताधिकार से वंचित कर दिया गया। ऐसा भी नहीं कि इन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में नहीं थे। सूची में नाम होेने के बाद भी बीएलओ ने इनके नाम पर 'रिपीट' अंकित कर दिया और वेंडर के ऑपरेटरों ने इन नामों को काट दिया। ये सभी मतदाता एक ही वार्ड के बताए गए हैं। अब जानकारी सामने आने के बाद हड़कम्प मच गया है।

सत्यापन सूची में आये थे नाम

मिली जानकारी के अनुसार नगरीय निकाय की मतदाता सूची को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग से कम्प्यूटर जनरेटेड एक सत्यापन सूची आती है। इसमें कम्प्यूटर अलग-अलग प्रकार के संदिग्ध नाम साफ्टवेयर के अनुसार पकड़ता है। इसमें मतदाताओं का नाम रिपीट होना, विधानसभा में नाम न होना लेकिन नगरीय निकाय में नाम होना, मतदाता की फोटो न होना जैसी तमाम खामियां पकड़ता है। इसके बाद चुनाव आयोग यह सूची जिला निर्वाचन अधिकारी को सत्यापन के लिये भेजता है। इस सूची के नामों को बीएलओ द्वारा सत्यापित कर सुधार करवाया जाता है। लेकिन चित्रकूट नगर पंचायत की सत्यापन सूची के बहाने बीएलओ ने नगर पंचायत के एक वार्ड के दो दर्जन मतदाताओं के नाम गलत तरीके से कटवाते हुए उन्हें मताधिकार से वंचित कर दिया।

यह है मामला

चित्रकूट नगर पंचायत की जो सत्यापन सूची चुनाव आयोग से मिली उसमें इन मतदाताओं के नामों में उल्लेखित था कि इनके नाम विधानसभा की सूची में नहीं है लेकिन नगर परिषद की सूची में है। लिहाजा इन्हें संदिग्ध मानते हुए जांच के लिये कहा गया। बीएलओ ने इनकी जांच की और पाया कि इनके नाम विधानसभा और नगर परिषद दोनों में है। लिहाजा इनके नामों में गड़बड़ी नहीं है। इसके बाद भी बीएलओ ने इनके नामों के आगे 'रिपीट' उल्लेखित कर दिया। इसके आधार पर वेन्डर के आपरेटर ने भी इन नामों को हटा दिया। जबकि ये नाम मतदाता सूची में रिपीट न होकर एक ही बार दर्ज थे। अब मतदाताओं के नाम जब सूची से गायब मिले तो इसको लेकर हल्ला मचा।

आयोग को लिखा पत्र

इस मामले में एसडीएम मझगवां पीएस त्रिपाठी ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है। इन नामों को जुड़वाने के लिये आयोग को लिखा गया है। लेकिन अभी वहां से इस संबंध में मार्गदर्शन नहीं आया है। बीएलओ की भूमिका जांची जा रही है।

यह है स्थिति

नगर परिषद चित्रकूट के वार्ड क्रमांक 1 की भाग संख्या 2 से जिन 22 मतदाताओं के नाम नियम विरुद्ध काटे गए हैं उनमें 14 पुरुष मदाता एवं 8 महिला मतदाता शामिल हैं। अब इनके नाम फिर से जोड़ने की कवायद तो की जा रही है लेकिन नाम जुड़ने जैसी स्थिति नजर नहीं आ रही है।