
swine flu treatment at home
सतना। डेंगू-चिकनगुनिया के बाद अब स्वाइन फ्लू वायरस ने पैर फैलाना शुरू कर दिया है। पीडि़तों की संख्या में जिले में तेजी से इजाफा हो रहा है। एक सप्ताह में स्वाइन फ्लू के दो पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं। शनिवार सुबह बिरला अस्पताल की एकाउंट शाखा में कार्यरत कर्मी को जबलपुर में स्वाब परीक्षण के बाद स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। वह १५ दिन से भी अधिक समय से बीमार था।
जबलपुर हॉस्पिटल में दाखिल
जानकारी के अनुसार परिजनों ने अस्पताल कर्मचारी का पहले बिरला अस्पताल में इलाज कराया। चिकित्सकों के परामर्श पर 13 से 17 दिसंबर तक यहां दाखिल रखा। इसके बाद भी स्वास्थ में सुधार नहीं हुआ, बल्कि उसकी तबीयत बिगड़ती जा रही थी। चिकित्सकों के परामर्श के बाद परिजनों ने उसे रसल चौक स्थित जबलपुर हॉस्पिटल में दाखिल कराया, जहां चिकित्सकों ने स्वाइन फ्लू की आशंका होने पर स्वाब का सैंपल लिया।
स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई
जांच के बाद पीडि़त को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। पीडि़त अभी जबलपुर हॉस्पिटल में है। इससे पहले इस सीजन में स्वाइन फ्लू का मामला 17 सितंबर को जिले के मैहर के बेलदरा गांव में सामने आया था। इसके लिए आइसीएमआर की जांच रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। वह 15 दिन से भी अधिक समय से सर्दी-जुकाम से पीडि़त था। फिलहाल उसे आराम है।
क्या है स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू श्वसन तंत्र से जुड़ी बीमारी है। यह ए टाइप के इनफ्लुएंजा वायरस से होती है। यह वायरस एच-1 एन-1 के नाम से जाना जाता है। मौसमी फ्लू में भी यह वायरस सक्रिय होता है। चिकित्सकों के मुताबिक वायरस ने इस बार स्ट्रेन बदल लिया, यानी पिछली बार के वायरस से इस बार का वायरस अलग है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
नाक का लगातार बहना, छींक आना, नाक जाम होना, मांसपेशियां में दर्द, अकडऩ महसूस करना, सिर में तेज दर्द, कफ और लगातार खांसी आना, नींद न आना, थकान महसूस होना, बुखार, दवा के बाद भी आराम न मिलना, गले में खराश का लगातार बढ़ते जाना स्वाइन फ्लू के लक्षण हो सकते हैं।
यह बरतें सावधानी
संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छीकने के दौरान हवा, जमीन या जिस भी सतह पर थूक या मुंह, नाक से निकले द्रव कण गिरते हैं। वह वायरस की चपेट में आ जाता है। यह कण हवा या किसी के छूने से दूसरे व्यक्ति के शरीर में मुंह या नाक के जरिए प्रवेश कर जाता हैं।
Published on:
23 Sept 2018 12:41 pm
