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नौकरी के लिए सतना में लाखों की ठगी करने वाले इंदौर में पकड़े गए

इंदौर में भी फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ठगी लाखों की रकम, सतना में आधा दर्जन से ज्यादा युवकों को आरोपी की तलाश

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Thousands of thieves in Satna were caught in Indore for job

Thousands of thieves in Satna were caught in Indore for job

सतना. नौकरी दिलाने का झांसा देकर सतना के कई युवाओं की रकम हड़पने के बाद इंदौर में भी इसी तरह की धोखाधड़ी करते बदमाश पकड़े गए। जब यह खबर सतना पहुंची तो ठगी का शिकार हुए युवक युवतियों ने राहत की सांस ली। अपने लाखों रुपए गंवाने के बाद यहां के लोगों को कई महीनों से इस गिरोह की तलाश थी। इसके बारे में थाना सिविल लाइन में कई आवेदन भी दिए गए। लेकिन सतना पुलिस इस मामले में गंभीर नहीं हुई। जब पीडि़तों ने खुद पुलिस को जाकर बताया कि आरोपी इंदौर में पकड़े गए हैं तो पुलिस ने धूल फांक रहे पुराने आवेदन पर जांच शुरू कर दी। गुरुवार को यहां कई युवकों के बयान भी पुलिस ने दर्ज कर लिए हैं।
इस तरह पकड़े गए ठग
मामले का खुलासा करते हुए इंदौर एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र ने बताया, कान्हा गोयल (24) निवासी गुलमर्ग सोसायटी की रिपोर्ट पर योगेश मिश्रा (26) निवासी पालदा व दीपक राजपूत (24) निवासी जगजीवन रामनगर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। कान्हा के पिता राधेश्याम कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं। दीपक के साथ शैली गोयल स्वास्तिक इन्वेस्टमेंट मार्ट में काम करती थी। इस दौरान दोस्ती होने पर दीपक ने बताया कि उसका साथी योगेश उसकी सरकारी नौकरी लगवा सकता है। यह कहकर शैली व कान्हा को उसने योगेश से मिलवाया। दोनों भाई-बहन को योगेश ने कोल इंडिया कोलकाता में साइट इंजीनियर पद पर नौकरी लगवाने का झांसा दिया। इसके लिए कान्हा ने पहले 90 हजार रुपए दिए, बाद में परिजन ने 3.70 लाख रुपए योगेश को दिए। कान्हा को कोल इंडिया में नौकरी का नियुक्ति पत्र भी योगेश ने दिया, लेकिन जब इसकी जांच कराई तो यह फर्जी निकला। कान्हा ने रुपए वापस मांगे तो योगेश ने आनाकानी की। इसके बाद मामले की शिकायत क्राइम ब्रांच में की गई। जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने योगेश व दीपक को पकड़ा है।
कोटर से शुरू हुई ठगी
पलिस जांच में यह बात सामने आई है कि योगेश बीएससी करने के बाद ट्रेड सॉल्युएशन एडवाइजरी में नौकरी करता था। बाद में नौकरी छोड़ ठगी करने लगा। दीपक उसके संपर्क में आया तो वह भी लोगों से धोखाधड़ी करने लगा। योगेश मूलत: सतना जिले के कोटर का रहने वाला है। उसने कोटर और सतना के कई युवओं से धोखाधड़ी करते हुए रकम हड़पी है। पुलिस का कहना है कि योगेश गिरोह संचालित कर रहा है। जिसमें उत्तराखंड, महाराष्ट्र व उत्तरप्रदेश के लोग भी शामिल हैं। इंदौर की पलासिया पुलिस शुक्रवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी।
बहन पिता के खाते में रकम
यहां सिविल लाइन थाना में शिकायत दर्ज कराने वाले मो. इस्माइल से एक लाख रुपए, मो. जावेद से आर्मी में नौकरी के नाम पर दो लाख रुपए लेकर उसे फर्जी नियुक्ति पत्र दिया गया। मो. रफीक से बैंक गार्ड के लिए एक लाख रुपए लिए, सिराजुद्दीन निवासी पड़रिया जिला पन्ना से एक लाख रुपए, कोटर के प्रदीप चौधरी पुत्र रामजस से एक लाख रुपए, नजीराबाद सतना के गुलाम नबी से एक लाख रुपए योगेश ने नौकरी के नाम पर ठगे हैं। इंदौर पुलिस ने उसके कब्जे से फर्जी नियुक्ति पत्र व एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। सतना के पीडि़तों का आरोप है कि आरोपी योगेश मिश्रा उर्फ राजन ने उनसे अपने पिता रामकृष्ण व बहन आकांक्षा मिश्रा के खातों में रकम जमा कराई थी।