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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग, कांग्रेस ने जगह-जगह किया प्रदर्शन

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग, कांग्रेस ने जगह-जगह किया प्रदर्शन

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today petrol diesel price in satna

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सतना। रोजाना पेट्रोल-डीजल की बढ़ रही कीमतों की आग पूरे देश में फैल चुकी है। महंगाई के विरोध में कांग्रेस की ओर से जगह-जगह प्रदर्शन किए जा रहे। मध्यप्रदेश में सबसे महंगा पेट्रोल-डीजल के रेट डिंडोरी और सतना में है। डिंडोरी में पेट्रोल 85.36 और सतना में 84.40 रुपए लीटर पहुंच चुका है। पेट्रोल की मूल्य वृद्धि को लेकर कांग्रेस ने सतना जिले में बुधवार को आधा दर्जन ब्लॉकों में धरना-प्रदर्शन किए। कांग्रेस नेत्री उर्मिला त्रिपाठी की अगुआई में राजेंद्र नगर पेट्रोल पंप पर बढ़े हुए दामों को लेकर बाइक को शव के रूप में रखकर प्रदर्शन किया गया। वहीं साई फिलिंग स्टेशन नागौद में पेट्रोल की बढ़ी कीमतों को लेकर कांग्रेस जिला अध्यक्ष दिलीप मिश्रा और नागौद विधायक यादवेंद सिंह की मौजूदगी में धरना दिया गया। जिसमे कांग्रेस नेता रमायण सिंह, कांग्रेस जिला महामंत्री मुख्तार सिद्दीकी, संगठन मंत्री विनीत सिंह विननू आदि शामिल रहे।

कच्चे तेल की आड़ में कीमतों में और वृद्धि

बता दें कि, लगातार बढ़ रहे डीजल-पेट्रोल के रेट ने लोगों को परेशान कर दिया है। कर्नाटक चुनाव के बाद से तेल कंपनियां कच्चे तेल की आड़ में कीमतों में और वृद्धि कर रही हैं। इससे सरकार के खिलाफ लोगों में आक्रोश फैल रहा है। बुधवार को सतना में पेट्रोल 84.40 रुपए प्रति लीटर और डीजल ७४.०७ रुपए पहुंच गया। 21वीं सदी के इतिहास में पेट्रोल-डीजल रेट सबसे महंगे हो गए है। उपभोक्ताओं का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि पर आंदोलन करने वाली भाजपा अब दोहरी नीति अपना कर चुप है। सरकार को राहत देने के लिए पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए। जिले में 14 मई से लगातार हो रही डीजल-पेट्रोल के दाम में वृद्धि जारी रही।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल के भाव बढ़ रहे हैं। लिहाजा, दाम में वृद्धि हो रही है। सरकार का कीमतों पर कोई नियंत्रण नहीं है। जब भी जनहित में कदम उठाना होता है, केंद्र व राज्य सरकार उठाती है।
नरेंद्र त्रिपाठी, जिला अध्यक्ष, भाजपा

जिस गति से पट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं उससे तो यही लगता है कि अब गाडि़यां चलाना ही बंद कर दिया जाए। आर्थिक रूप से बुरा असर पड़ रहा है। आखिर कब तक जनता ही भुगते।
अनिल कुमार गौतम, बगहा

नेताओं को क्या? उनके पास इधर-उधर से खूब रुपए आते हैं। वो जब चाहंे जैसा चाहें वैसा इस्तेमाल कर लें। उनकी जेब पर असर नहीं पड़ेगा। जो रोजमर्रा का जीवन व्यतीत करने वाले हैं उसके पूछे कोई कस्ट।
आनंद शुक्ला, मारुति नगर

सरकार अंधी हो गई है। उसे जनता की तकलीफ नजर नहीं आ रही है। नहीं तो वह पट्रोल और डीजल के बढ़ते दाम को कंट्रोल करने का प्रयास करती है। इनके दाम बढ़ते ही महंगाई बढ़ती है।
रामू लखेरा, धवारी

पट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते ही महंगाई बढ़ती है। कपड़ा, ट्रांसपोर्ट, खाने की सामग्री इन सब के दाम बढ़ते हैं। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ता है। एेसी सरकारों को चुनने का कोई फायदा नहीं।
हरीश गुप्ता, डालीबाबा

किसान से पूछो जब डीजल के दाम बढ़ते हैं तो उसका जीवन कितना प्रभावित होता है। हम सभी इस बात को समझते हैं पर सरकारें क्यों बुत बनकर तमाशा देख रही है। आम जनता तो बेहाल है।
रविकांत पयासी, उमरी