
urban bodies Divisional five year revenue meeting in rewa
सतना। कलेक्ट्रेट सभागार में नगरीय निकायों की संभागीय पंचवर्षीय अवधि के लिए राज्य वित्त आयोग के सदस्यों ने कर, शुल्क, फीस एवं पथकर आदि के आय-व्यय की समीक्षा की। इस दौरान नगर निकायों एवं जनप्रतिनिधियों से सुझाव भी लिए गए। बैठक की अध्यक्षता राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष हिम्मत कोठारी ने की। इस पर नगर निकायों की वित्तीय व्यवस्था पर मंथन किया गया।
नगरीय निकायों की समीक्षा की
बैठक के दौरान संभागायुक्त महेशचन्द्र चौधरी ने कहा कि नगरीय निकाय भूमिगत नालियों, ड्रेनेज सिस्टम, सड़क, स्ट्रीट लाइट, पानी सप्लाई, स्लम बस्तियों के विकास, प्रधानमंत्री आवास स्वच्छता आदि जानकारी राज्य वित्त आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें। सदस्य केएम आचार्य ने नगरीय निकायों की समीक्षा की तथा उनकी आय, व्यय, वसूली आदि की जानकारी ली।
निकाय के संबंध में विस्तार से जानकारी दी
आचार्य ने बताया वित्त आयोग द्वारा नगरीय निकायों के संबंध में आम जनों से 31 जुलाई तक सुझाव भी आमंत्रित हैं। सदस्य सचिव मिलिंद वाइकर ने पांचवे वित्त आयोग के गठन, उद्देश्य की जानकारी देते हुए चतुर्थ वित्त आयोग की गयी अनुशंसाओं के विषय में बताया। इस दौरान नगर निगम कमिश्नर व नगर पालिका अधिकारियों ने अपने निकाय के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
वार्षिक बजट की जानकारी 330 करोड़
सतना ननि के अधिकारी आयोग के सदस्यों के सवाल का जवाब और न ही कोई बेहतर सुझाव दे सके। राज्य आयोग के अध्यक्ष ने कमिश्नर और अध्यक्ष के नहीं आने की जानकारी चाहा तो, जवाब में कर्मचारी ने कमिश्नर को लू लगने की जानकारी दी तो सतना महापौर ममता पांडेय को व्यस्त होना बताया। वार्षिक बजट की जानकारी 330 करोड़ की जानकारी दी गई।
बजट के अनुपात में 48 प्रतिशत ही वसूली
शहर में प्रतिदिन 150 टन कचरा एकत्रित होना बताया गया। बजट के अनुपात में 48 प्रतिशत ही वसूली की जानकारी दी गई। प्रजेंटेशन पर वसूली की जानकारी रुपए लाख में थी और जानकारी करोड़ में बता रहे थे, इस पर सदस्य भड़क गए और कहा कि जब जानकारी लिखना नहीं आता तो विकास कैसे कर रहे होगे। सदस्यों ने कंपनियों से वसूली की जानकारी चाही तो नहीं नहीं होना बताया।
सिंगरौली-चित्रकूट ने बेहतर किया प्रजेंटेशन
नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक में सिंगरौली और चित्रकूट नगर निगम के अधिकारियों ने बेहतर प्रजेंटेशन किया।समीक्षा के दौरान बताया गया कि सिंगरौली नगर निगम को एनटीपीसी पांच करोड़ रुपए वार्षिक दे रहा है, जबकि एनसीएल 2.50 करोड़ और रेलायंस 15 लाख रुपए जमा कर रही है। चित्रकूट नगरीय अधिकारियों ने पांच करोड़ रुपए रेलवे से मुआवजा सहित अन्य जानकारियों का प्रजेंटेशन बेहतर दिखाए ओर सुझाव भी दिए।
Published on:
30 May 2018 02:27 pm
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