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Satna: जब मंत्री ने कहा… इस इंजीनियर की गणित तो अपने से भी कमजोर है

प्रभारी मंत्री ने ईई पीएचई के आंकड़ों पर खड़े किये सवाल नहीं बता पा रहे थे हैंडपंप और मैकेनिकों की सही संख्या
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सतना

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Ramashankar Sharma

•

Updated: 7 Apr 2022, 9:55 AM IST

Satna: जब मंत्री ने कहा... इस इंजीनियर की गणित तो अपने से भी कमजोर है

पेयजल उपलब्धता, स्मार्ट सिटी सहित खाद्यान्न वितरण की समीक्षा करते प्रभारी मंत्री विजय शाह

सतना. प्रभारी मंत्री विजय शाह ने गर्मी के मौसम में पेयजल उपलब्ता की समीक्षा में ईई पीएचई की क्लास ले ली। समीक्षा बैठक में उस वक्त स्थिति हास्यास्पद हो गई जब ईई पीएचई रावेन्द्र सिंह हैण्डपंप के आंकड़े और मैकेनिकों की संख्या को लेकर गलत आंकड़े बयान करने लगे। यह देख प्रभारी मंत्री ने चुटकी ले ली और कहा कि इस इंजीनियर की गणित तो हमसे भी कमजोर है।

यह था मामला

प्रभारी मंत्री ने ईई पीएचई से पूछा कि जिले में कितने हैण्डपंप है। जिसके जवाब में ईई ने बताया कि 25103 हैण्ड पंप हैं। इस पर प्रभारी मंत्री ने अगला सवाल किया कि कितने मैकेनिक है। जिस पर ईई ने बताया कि 50 मैकेनिक है। तब प्रभारी मंत्री ने पूछा कि एक मैकेनिक के जिम्मे कितने हैंडपंप है? जिसका जवाब ईई ने 246 बताया। यह सुनते ही प्रभारी मंत्री बोल उठे कि इस इंजीनियर की गणित तो हमसे भी कमजोर है। तभी ईई के पीछे बैठे एक अधिकारी ने ईई को बताया कि 95 मैकेनिक है। यह देख कलेक्टर अनुराग वर्मा ने नाराजगी जताई। कहा कि बार बार रिप्लाई को घुमा क्यों रहे हो। सही जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं। हालांकि बाद में ईई ने बताया कि ठेके के मैकेनिकों से काम करवाते हैं।

हर बार खराब के आंकड़े 50 ही रहते हैं

बैठक में ईई पीएचई ने बताया कि 50 नल जल योजनाएं बंद है। यह सुन जिला पंचायत सदस्य उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि गजब का विभाग है ये। इनके बंद नल जल योजना के आंकड़े लगातार 50 ही रहते हैं। न ही घटते हैं न ही बढ़ते हैं। इस पर कई लोगों ने आपत्ति जाहिर की। हालांकि प्रभारी मंत्री ने इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से नहीं लिया। यह जरूर कहा कि सभी सुधार योग्य नल जल योजना का परीक्षण कर प्लान बनायें। बताया कि जल जीवन मिशन के कार्यों की हर तीन माह में समीक्षा की जाएगी। गर्मी में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए।

पेयजल परिरक्षण अधिनियम लागू करें

प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिले में पेयजल की सुचारू उपलब्धता के लिए जल स्तर नीचे नहीं जाए, इसके लिए पेयजल परिरक्षण अधिनियम लागू करें। बिना कलेक्टर की अनुमति के ट्यूबवेल खनन पर रोक लगाएं और किसी ग्राम में पेयजल उपलब्ध नहीं होने पर पर्याप्त क्षमता का मौजूद जल स्त्रोत अधिग्रहित करें। इस दौरान जल निगम के अधिकारियों से बाणसागर सामूहिक ग्रामीण नल जल योजना की प्रगति की जानकारी ली।

स्थिति एक नजर में

25103 हैंडपंप स्थापित हैं

23519 हैंडपंप चालू

2450 हैंडपंप का जलस्तर नीचे होने से सिंगल फेज पंप डाले गए

95 हैंडपंप मैकेनिक मौजूद हैं

296 कुल नल जल योजनाएं

246 नल जल योजनाएं चालू

50 नल जल योजनाएं बंद है।

216 योजनाएं 3 ब्लॉकों में जल जीवन मिशन की स्वीकृत हैं

23 नल जल योजना पूर्ण

14490 कनेक्शन दिए जा चुके हैं

10 मिनट में निपटा दी स्मार्ट सिटी की बैठक

प्रभारी मंत्री ने 10 मिनट में स्मार्ट सिटी की बैठक पूरी कर ली। कहा कि अगली बार फील्ड निरीक्षण करेंगे। इस दौरान कहा कि महिलाओं के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 10 ई-रिक्शा प्रारंभ करने का सुझाव दिया। इसी तरह से उन्होंने कहा कि महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग और निगम मिल कर सेनेटरी नैपकिन मशीन स्थापना कर इनके संचालन की जिम्मेदारी महिला स्व सहायता समूहों को दी जाए। इस दौरान स्मार्ट सिटी के कामों की जानकारी प्रभारी मंत्री को दी गई।

मैं खुद करुंगा राशन दुकान का निरीक्षण

प्रभारी मंत्री ने 7 तारीख को सभी राशन दुकानों में अन्न उत्सव आयोजित करने के निर्देश दिए। कहा कि वे स्वयं भी किसी राशन दुकान का औचक निरीक्षण कर अन्न उत्सव में शामिल होंगे। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में सभी 46 स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध एलईडी टीवी पर शासन की स्वास्थ्य एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं का भी डिस्प्ले करने के निर्देश दिए।