
who is biplab deb next potential chief minister of tripura
सतना। त्रिपुरा प्रदेश में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव 2018 में भाजपा प्रचंड बहुमत से जीत हासिल कर ली है। वामदलों को रौंदकर भाजपा पहली बार सरकार बनाने जा रही है। राज्य की 59 सीटों पर हुए चुनाव के रुझानों में भाजपा बड़ी बढ़त बनाए हुए है। त्रिपुरा में भाजपा की मिली बड़ी जीत के साथ वहां नए सीएम के नाम की चर्चा शुरू हो गई हैं।
त्रिपुरा में सीएम सीट के लिए कई नामों की लिस्ट के मध्य विप्लव देव का नाम सबसे ऊपर लिया जा रहा है। विप्लव देव त्रिपुरा में भाजपा अध्यक्ष हैं। विप्लव ने त्रिपुरा की बनमालीपुर विधानसभा सीट से किस्मत आजमाई है। इनका मध्यप्रदेश और सतना से खास रिश्ता रहा है। वे सतना से भाजपा के सांसद गणेश सिंह के करीब 10 साल तक निजी सचिव रहे हैं। इसके पहले विप्लव तत्कालीन भाजपा महासचिव गोविंदाचार्य का काम देखते थे। उसके बाद 2004 से सांसद गणेश सिंह के साथ जुड़े। 2014 तक निजी सचिव के रूप में कार्य देखा था।
मध्यप्रदेश से है यह रिश्ता
बता दें कि, होली के दूसरे दिन यानी शनिवार की हुई मतगणना में आए रूझानों से त्रिपरा में बीजेपी पूर्ण महुमत से सरकार बना रही है। बीजेपी संसदीय कमेटी की कुछ घंटों बाद बैठक होने वाली है। जिसमें त्रिपरा के प्रदेश अध्यक्ष विप्लव देव का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। सतना सांसद गणेश सिहं ने त्रिपुरा और नागालैंड चुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत को लेकर प्रेस वार्ता करके भाजपा को मिली जीत को लेकर सबको बधाई दी है। कहा कि ये जीत भाजपा के विकास के एजेंडे के कारण मिली है। भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के कारण जीत मिली है। पहली बार त्रिपुरा और नागालैंड में सरकार बनाने में सफल हुए है।
दौड़ में सबसे आगे
भाजपा सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में विप्लव इसलिए भी सबसे आगे हैं, क्योंकि वे लो-प्रोफाइल रहते हुए अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निभाना जानते हैं। रुझान के दौरान भाजपा महासचिव राम माधव के साथ वह मंच भी साझा करते दिखे हैं। सतना सांसद के साथ 10 वर्ष कार्य करने का अनुभव भी है। इसलिए उनका सीएम बनना लगभग तय माना जा रहा है।
स्वच्छ छवि के नेता
विप्लव देव ने त्रिपुरा यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की है। उनके खिलाफ एक भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। बनमालीपुर (पश्चिमी त्रिपुरा) में विप्लव का मुकाबला ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के कुहेली दास से है। विप्लव ने नामांकन पत्र के साथ दिए ऐफिडेविट में अपनी आय मात्र 2,99,290 रुपए बताई है। अपने सहज स्वभाव और स्वच्छ छवि के कारण पीएम नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का करीबी माना जा रहा है।
आरएसएस से गहरा नाता
विप्लव कुमार लंबे समय से राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े हुए हैं। या यूं भी कह सकते हैं कि राजनीति की शुरुआत उन्होंने आरएसएस से जुडऩे के बाद ही की है। 48 वर्षीय विप्लव साल 2018 में पहली बार चुनाव लड़े हैं। उनके नेत्रत्व में चुनाव लडऩे के बाद भाजपा को त्रिपरा में स्पष्ट महुमत भी मिली है।
Updated on:
03 Mar 2018 05:09 pm
Published on:
03 Mar 2018 04:40 pm
बड़ी खबरें
View Allसतना
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
