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सवाईमाधोपुर- निर्वाचित अध्यक्ष अजय सिंह ने मीडिया को अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सहकारी बैंकों की स्थिति मजबूत करने एवं उसका लाभ अधिकाधिक बढ़ाने के लिए सवाईमाधोपुर व करौली जिले की हर तहसील में बैंक शाखाएं खोली जाएगी।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक से अध्यक्ष पद पर जसबीर सिंह थे। उनको बोर्ड सदस्यों का सहयोग नहीं मिला, इसके चलते बैंक छोटे स्तर पर ही काम करके रह गया। जसबीर सिंह ने अपने पद से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने हमें बैंक विकास की जिम्मेदारी सौंपी है। इसे ईमानदारी व मेहनत ये निभाएंगे।
इस नियम के चलते पीछे हटे स्थानीय लोग
सहकारिता विभाग ने चुनाव के दौरान एक नया नियम बना दिया गया है। इसके तहत संचालक मंडल में जो भी सदस्य चुनाव लड़ेगा। उसको एक लाख रुपए की एफडीआर इस बैंक में करानी होगी। वहीं जो सदस्य जीतेगा या हारेगा, उसे सात साल तक बैंक में एफडीआर जमा रखनी होगी।
इसके अलावा एक हजार रुपए हिस्सा राशि अलग से जमा करानी होगी। एफडीआर जमा कराने में स्थानीय सदस्य पीछे हट गए। वहीं नवनिर्वाचित अध्यक्ष की दमदार छवि के चलते कोई चुनाव में आगे नहीं आया।
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संचालक मंडल की गणित
निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि संचालक मंडल में कुल 12 सदस्य हैं। इनमें से 1 एससी, 1 अनुसूचित जनजाति, दो महिला व आठ सामान्य वर्ग से चुने गए हैं। वहीं बैंक की कुल सदस्य संख्या 522 है। इनमें से करौली में 232, हिन्डौन में 17, गंगापुरसिटी 4 व सवाईमाधोपुर में 269 सदस्य हैं।
राजनीतिक लोगों के कारण डूबी बैंक
इस मौके पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने कहा कि सहकारी बैंकों में ज्यादातर अध्यक्ष पद पर राजनीति से जुड़े लोग आसीन हैं। राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते बैंक के घाटे में डूबती है। हम लोग व्यापारी लोग और बैंकिंग सेवा क्षेत्र से जुड़े हैं। ऐसे में उम्मीद है कि बैंक उत्तरोतर प्रगति करेगा।
Published on:
14 Jul 2018 07:59 pm
