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Sawai Madhopur News : सवाईमाधोपुर जिले में इस बार सरसों की बुवाई तय समय से पीछे खिसक गई है। लगातार बारिश और खेतों में भरे पानी के कारण अभी तक रबी सीजन की इस फसल की बुवाई की तैयारी शुरू नहीं हो सकी है। अधिकतर खेतों में नमी और जलभराव के चलते किसान अभी पानी सूखने का इंतजार कर रहे हैं।
बता दें कि जिले में इस बार अतिवृष्टि हुई और औसत से दोगुना पानी बरसा। बरसात ने जिले के बांध-तालाब लबालब कर दिए और खेतों तक में पानी भर गया। जिसके चलते रबी की बुवाई पर ब्रेक लगा हुआ है। विशेषकर सरसो की बुवाई इस बार देरी से शुरू होगी।
कृषि विभाग के अनुसार सरसों की बुवाई का समय 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक माना जाता है लेकिन पहले अतिवृष्टि व बाद में तापमान की अधिकता से सरसों की बुवाई में देरी हो रही है। इस बार जिले में 1 लाख 70 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सरसों की बुवाई होनी है। लेकिन बुवाई का आधा माह बीत गया है। इसी प्रकार गेहूं, चना, जौ की बुवाई का समय 15 अक्टूबर से शुरू होना है, लेकिन इस बार गेहूं, चना व अन्य फसलों की बुवाई भी देरी से शुरू होगी।
इन दिनों जिले में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। गत दो दिन से बारिश का दौर जारी है। ऐसे में मौसम खुलने व धूप निकलने के बाद ही बुवाई की तैयारियां शुरू होने की संभावना है। अन्य सालों में किसान सरसों, गेहूं व चना जैसी रबी फसलों की बुवाई शुरू कर देते हैं। लेकिन इस बार इसमें देरी होगी। इसका सीधा असर पैदावार पर पड़ेगा।
इस बार बारिश का दौर लंबा चलने से खेतों में पानी भरा है। ऐसे में किसान भी बारिश पानी सूखने का इंतजार कर रहे हैं। रबी की बुवाई के लिए अधिकतम तापमान 30 डिग्री से कम होना जरूरी है। इससे बुवाई में देरी हो रही है। वैसे सरसों की बुवाई का समय 15 अक्टूबर तक है। देरी के बावजूद उत्पादन प्रभावित नहीं होगा।
राकेश कुमार अटल, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग सवाईमाधोपुर
Updated on:
02 Oct 2025 01:22 pm
Published on:
02 Oct 2025 01:22 pm
